लखनऊ, 17 जून 2026:
यूपी में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए योगी सरकार ने स्कूली बच्चों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी है। अब प्रदेश के सभी विद्यालयों में 25 जून से नियमित पढ़ाई शुरू होगी।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य में अब हर वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखने और नए शैक्षणिक सत्र की व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कुछ वर्षों में प्रदेश के कई जिलों में हीट वेव के कारण डीएम को स्थानीय स्तर पर बार-बार अवकाश बढ़ाने के आदेश जारी करने पड़े थे। नई व्यवस्था लागू होने से पूरे प्रदेश में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू होगा। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्पष्टता मिलेगी।
हालांकि छात्रों की छुट्टियां 24 जून तक रहेंगी लेकिन विद्यालय खुलने से पहले जरूरी तैयारियों के लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की विद्यालय में उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस दौरान लेसन प्लान तैयार करना, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) व्यवस्था को अंतिम रूप देना, पाठ्यपुस्तकों के वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक आयोजित करना और बाल वाटिका संचालन की तैयारियां पूरी की जाएंगी।
इसके अलावा विद्यालय परिसर, रसोईघर और शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया है।
आदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है। इसके तहत हर शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 220 कार्यदिवस और नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करने से पहले इन कानूनी प्रावधानों का ध्यान रखने को कहा गया है।
वहीं, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक और छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। यह निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






