लखनऊ, 31 मई 2026:
यूपी में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ योगी सरकार अब विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दे रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की थर्ड पार्टी जांच व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि औद्योगिक अवसंरचना के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने गाजियाबाद के सात प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान भारत सरकार के उपक्रम राइट्स लिमिटेड से विकास कार्यों का विस्तृत गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण कार्यों के सैंपल और गुणवत्ता परीक्षण उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराने का निर्णय लिया गया जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान कविनगर, स्वदेशी औद्योगिक क्षेत्र, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, साउथ साइड जीटी रोड, लोहामंडी, मेरठ रोड साइट-3 और साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत बनाया जाए।
उद्यमियों के साथ आयोजित बैठक में ट्रक पार्किंग, पार्कों के विकास, टेस्ट लैब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एक्सपो सेंटर जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक क्षेत्रों को निवेश और कारोबार के लिए अधिक सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की शून्य सहिष्णुता नीति को दोहराते हुए स्पष्ट कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उद्यमियों से अनुचित मांग या उत्पीड़न की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों और निवेशकों को पारदर्शी, जवाबदेह तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे के बीच योगी सरकार गुणवत्ता नियंत्रण को विकास का अहम आधार मान रही है। सरकार का मानना है कि निवेश आकर्षित करने के लिए नई परियोजनाओं की घोषणा के साथ उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यही कारण है कि सड़कों, नालियों, पार्किंग, कॉमन सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचों की स्वतंत्र जांच व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में बढ़ रहे उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना और बेहतर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुनिश्चित करने के लिए यूपीसीडा को भी अधिक जवाबदेह बनाया जा रहा है।






