
देहरादून, 12 अगस्त 2026:
उत्तराखंड में सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट समेत अन्य फलों के उत्पादन को नई रफ्तार देने के लिए सरकार अब खेती बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार अब उत्पादन से लेकर बाजार तक पूरा इकोसिस्टम तैयार करेगी। प्रदेश के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में फलोत्पादन योजनाओं की समीक्षा करते हुए क्लस्टर आधारित खेती, हाई डेंसिटी वैरायटी और आधुनिक नर्सरियों पर विशेष जोर दिया।
मुख्य सचिव ने सभी डीएम से उनके जिलों में वर्तमान में उगाई जा रही फसलों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों से नियमित फीडबैक लिया जाए और उनकी समस्याओं व सुझावों को योजनाओं में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी योजना में सुधार की जरूरत महसूस हो तो डीएम लिखित रूप से शासन को अवगत कराएं, ताकि योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने डीएम को मिशन की निर्धारित अवधि के लिए उत्पादन क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाने के स्पष्ट लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए खेत से बाजार तक मजबूत व्यवस्था जरूरी है। इसके तहत कोल्ड स्टोरेज चेन, बेहतर ट्रांसपोर्टेशन, रोपवे, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स के विकास पर फोकस किया जाए। जिलों की योजनाओं में इनसे जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
सेब और कीवी की सघन खेती को बढ़ावा देने के लिए नई और गुणवत्तापूर्ण किस्मों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ हाई डेंसिटी वैरायटी की अत्याधुनिक नर्सरियां विकसित करने पर जोर दिया गया। नए क्षेत्रों को फलोत्पादन से जोड़ते हुए क्षेत्र विस्तार करने और कम उत्पादकता वाले पुराने क्षेत्रों को नई हाई डेंसिटी फसलों से बदलने की रणनीति भी सामने रखी गई।
पॉलीहाउस स्थापना के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन वेंडर्स एंपैनल्ड किए गए हैं। मुख्य सचिव ने किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए उनकी हैंड होल्डिंग सुनिश्चित करने को कहा। नए क्षेत्रों में फल उत्पादन शुरू होने तक इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा देने का सुझाव भी दिया गया, ताकि किसानों की आय प्रभावित न हो।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, एसएन पांडेय, राजेंद्र कुमार, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत समेत डीएम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






