
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 2 सितंबर 2026ः
मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP-III) के तहत उत्तराखंड भ्रमण पर आए भारत के वरिष्ठ राजनयिकों ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित सरदार पटेल भवन में बुधवार को पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जाम्बिया के लुसाका में भारत के हाई कमिश्नर आलोक रंजन झा, लिथुआनिया के विल्नियस में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जमैका के किंग्सटन में भारत के हाई कमिश्नर मयंक जोशी शामिल रहे। इस दौरान डीजीपी ने राजनयिकों को उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

डीजीपी ने आपदा राहत एवं बचाव कार्यों, सीमा सुरक्षा प्रबंधन, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम, चारधाम व कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी, यातायात प्रबंधन, त्वरित आपदा प्रतिक्रिया, साइबर सुरक्षा और विभिन्न सुरक्षा एवं प्रशासनिक एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय प्रभावी पुलिस व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने उत्तराखंड में पर्यटन व तीर्थाटन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए सुरक्षित एवं सुचारु व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की।
तीनों वरिष्ठ राजनयिकों ने जाम्बिया, लिथुआनिया और जमैका की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों के साथ वहां की सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। भारत के साथ इन देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ ही सुरक्षा, तकनीक, आपदा प्रबंधन और बेहतर कार्यप्रणालियों के पारस्परिक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरती सुरक्षा चुनौतियों, साइबर अपराध, आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि इस तरह के संवाद से पुलिसिंग और सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक अनुभवों एवं बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में पारस्परिक सहयोग की नई संभावनाएं विकसित होंगी।






