Uttarakhand

Uttarakhand News : अब कॉलेजों पर रहेगी सरकार की नजर, शुरू हुआ उच्च शिक्षा का ‘डिजिटल कंट्रोल रूम’

5 करोड़ के VSK से रियल टाइम मॉनिटरिंग, छात्रों की संख्या-उपस्थिति से लेकर परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की कार्यप्रणाली तक का ऑनलाइन डाटा होगा उपलब्ध, ट्रांसफर-पदोन्नति और नीतियां तय करने में भी मिलेगी मदद

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 24 सितंबर 2026:

उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों की पढ़ाई, छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की कार्यप्रणाली अब सिर्फ फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों के डाटा की रियल टाइम निगरानी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विद्या समीक्षा केन्द्र (VSK) शुरू किया है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार केंद्र का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालयी शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा में किया।

मंत्री ने कहा कि यह केंद्र उच्च शिक्षा व्यवस्था को डेटा, तकनीक, पारदर्शिता और परिणाम आधारित प्रणाली से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र के माध्यम से प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, छात्र संख्या, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की कार्यप्रणाली से संबंधित डाटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे विभाग को योजनाओं की प्रगति और महाविद्यालयों के प्रदर्शन की लगातार निगरानी करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें:

सिर्फ निगरानी नहीं, फैसलों का भी बनेगा आधार

विद्या समीक्षा केन्द्र को महज मॉनिटरिंग सिस्टम के बजाय उच्च शिक्षा से जुड़े फैसलों के लिए डेटा का आधार बनाने की तैयारी है। डॉ. रावत के मुताबिक उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से भविष्य की नीतियां तैयार की जा सकेंगी। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कार्मिकों के स्थानांतरण एवं पदोन्नति की प्रक्रिया में भी केंद्र से मिलने वाले डाटा का इस्तेमाल किया जा सकेगा। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, संसाधनों के उपयोग और संस्थानों के प्रदर्शन की समीक्षा भी ऑनलाइन की जा सकेगी।
डॉ. रावत ने इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का पहला विद्या समीक्षा केन्द्र बताया।

कार्यक्रम में डॉ. रावत ने कहा कि लक्ष्य पवित्र हो तो निर्णय सफल होते हैं। उन्होंने छात्र संघ चुनावों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी देशभर में सराहना हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों के पास अपनी भूमि और भवन हैं। वहां प्राचार्य और फैकल्टी उपलब्ध हैं। छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्तियां देने के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भक्त दर्शन उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किए जाने की भी जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में एनईपी-2020 के क्रियान्वयन को तकनीक और डेटा आधारित व्यवस्था से आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन और डॉ. जयपाल सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी, महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षाविद मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  पहली बारिश ने मचाई तबाही: मलबे से सड़कें जाम, 28 तक का अलर्ट जारी

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link