
वाराणसी, 2 अक्टूबर 2026:
यूपी के वाराणसी में फ्लैट बुक कराने के नाम पर एक बिल्डर ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की दो महिला प्रोफेसरों से 30 लाख रुपये लेकर न तो फ्लैट तैयार करके दिया और न ही रकम वापस की। चितईपुर थाने में BHU की प्रोफेसर डॉ. रीता सिंह ने सुंदरपुर के बिल्डर अविनाश उपाध्याय समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
घर के सपने से खिलवाड़ की पूरी कहानी बताई
प्रोफेसर रीता सिंह के मुताबिक उन्होंने डॉ. शबनम के साथ बृजेन्क्लेव में फ्लैट बुक कराया था। दोनों से 15-15 लाख रुपये लेकर कुल 30 लाख रुपये लिए गए थे। दोनों ने अलग-अलग 15 लाख रुपये दिए। इसमें 10 लाख रुपये चेक से और पांच लाख रुपये नकद शामिल थे। फ्लैट के लिए हुए एग्रीमेंट में जल्द कब्जा देने की बात लिखी गई थी। एग्रीमेंट में यह भी लिखा गया था कि तय समय पर फ्लैट नहीं देने की स्थिति में खरीदारों की रकम ब्याज समेत वापस कर दी जाएगी।
सालों बाद भी फ्लैट में काम नहीं
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें फ्लैट नहीं मिला। इसके बाद भी निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ा। जिस द्वितीय तल के फ्लैट की बुकिंग की गई थी, उसमें आज भी कोई काम नहीं हुआ है। फ्लैट की स्थिति कई साल पहले जैसी थी, वैसी ही बनी हुई है।
30 लाख लौटाने के लिए दिए चेक भी बाउंस
काफी समय तक रकम वापस मांगने के बाद अविनाश उपाध्याय की ओर से दोनों महिलाओं को 15-15 लाख रुपये के चेक दिए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि चेक बैंक में लगाए जाने पर बाउंस हो गए। इसके बाद दोबारा चेक लगाने के लिए एक महीने बाद कहा गया, लेकिन दूसरी बार भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। शिकायत के साथ बैंक की ओर से जारी चेक बाउंस से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को दिए गए हैं।
एक फ्लैट की कई लोगों से बुकिंग का आरोप
डॉ. रीता सिंह ने आरोप लगाया है कि बृजेन्क्लेव में एक-एक फ्लैट की बुकिंग कई लोगों से कराकर रकम ली गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके अलावा कई अन्य लोग भी इसी तरह रकम फंसने की शिकायत कर चुके हैं। अविनाश उपाध्याय करीब दो साल से अपना मोबाइल बंद किए हुए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम मांगने के लिए संपर्क करने पर कोई समाधान नहीं मिला।
तीन भाइयों पर पैसों की डीलिंग में शामिल होने का आरोप
तहरीर में अविनाश उपाध्याय के साथ कालिंदी उपाध्याय और ऋषिकेश उपाध्याय का भी नाम है। शिकायतकर्ता ने तीनों को भाई बताते हुए आरोप लगाया है कि तीनों की इस मामले में भूमिका है। एक भाई के नाम फर्म है, दूसरा पैसों की डीलिंग करता है, जबकि बड़े भाई पर भी पूरे मामले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने अविनाश उपाध्याय की मां पर भी बेटों का बचाव करने का आरोप लगाया है।






