Sports

FIFA : फुटबॉल के महाकुंभ में 48 टीमें, 104 मुकाबले… 47 करोड़ से नेचुरल घास तैयार, भारत में यहां होगा प्रसारण

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको पहली बार मिलकर फीफा विश्व कप की मेजबानी करेंगे, भारत में फुटबॉल प्रेमी सभी मुकाबले देख सकेंगे, 47 करोड़ से तैयार की गई प्राकृतिक घास

स्पोर्ट्स डेस्क, 9 जून 2026:

फीफा विश्व कप 2026 अब सिर्फ कुछ दिनों दूर है और इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में इतिहास रचने जा रहा है। पहली बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा लेंगी, पहली बार तीन देश संयुक्त रूप से इसकी मेजबानी करेंगे और पहली बार टूर्नामेंट 104 मैचों तक पहुंच जाएगा। दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शामिल यह प्रतियोगिता 12 जून से शुरू होगी और 19 जुलाई तक चलेगी। इसमें 857 प्लेयर्स हिस्सा लेंगे।

सबसे बड़ा बदलाव टीमों की संख्या में हुआ है। अब तक विश्व कप में 32 टीमें खेलती थीं, लेकिन 2026 से यह संख्या बढ़ाकर 48 कर दी गई है। इसके लिए 12 ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक में चार-चार टीमें होंगी। इससे एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और अन्य क्षेत्रों की अधिक टीमों को विश्व कप में जगह मिली है। फीफा का मानना है कि इस बदलाव से टूर्नामेंट और अधिक वैश्विक स्वरूप में सामने आएगा।

विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसकी मेजबानी है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। पुरुष फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब तीन देश एक साथ आयोजन कर रहे हैं। कुल 16 शहरों को मेजबानी मिली है।

अमेरिका के शहरों में सबसे ज्यादा मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि कनाडा और मैक्सिको भी महत्वपूर्ण मैचों की मेजबानी करेंगे। नॉकआउट चरण के अधिकांश बड़े मुकाबले अमेरिका में होंगे। फाइनल मुकाबला न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि उद्घाटन मैच मैक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित एज्टेका स्टेडियम में होगा।

एज्टेका स्टेडियम एक और इतिहास रचेगा। यह दुनिया का पहला स्टेडियम बन जाएगा जहां तीन अलग-अलग विश्व कप संस्करणों के मुकाबले खेले जाएंगे। इससे पहले यहां 1970 और 1986 विश्व कप के मैच आयोजित हो चुके हैं।

बढ़ी हुई टीमों और मैचों की संख्या ने आयोजकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसी वजह से इस बार सिर्फ स्टेडियमों पर नहीं, बल्कि मैदानों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। फीफा ने करीब 47 करोड़ रुपये खर्च कर विश्व कप के लिए विशेष प्राकृतिक घास तैयार कराने का फैसला किया है। पिछले आठ वर्षों में 170 से अधिक वैज्ञानिक परीक्षण किए गए हैं ताकि सभी 16 स्टेडियमों में खेलने की परिस्थितियां लगभग समान रखी जा सकें।

विशेषज्ञों के मुताबिक घास की ऊंचाई में महज 5 मिलीमीटर का अंतर भी गेंद की गति, उछाल और खिलाड़ियों की पकड़ को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से वैज्ञानिक लगातार अलग-अलग मौसम और स्टेडियम परिस्थितियों में घास के प्रदर्शन का परीक्षण करते रहे हैं। यह पहल इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 2024 के कोपा अमेरिका टूर्नामेंट के दौरान कुछ खिलाड़ियों ने मैदानों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। फीफा नहीं चाहता कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर पिच को लेकर कोई विवाद खड़ा हो।

जून और जुलाई के दौरान उत्तर अमेरिका के कई शहरों में तापमान और नमी का स्तर काफी अधिक रहता है। मियामी, फिलाडेल्फिया और कैनसस सिटी जैसे शहरों में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए मौसम चुनौती बन सकता है। इसी को देखते हुए फीफा कूलिंग ब्रेक समेत कई अतिरिक्त इंतजामों पर काम कर रहा है।

भारत में फुटबॉल प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ी राहत प्रसारण को लेकर आई है। लंबे समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि विश्व कप का सीधा प्रसारण किस मंच पर होगा। इससे लाखों दर्शकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि अब तस्वीर साफ हो गई। जी एंटरटेनमेंट ने यूनाइट8 स्पोर्ट्स चैनल पर फीफा विश्व कप 2026 के प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं। इसके बाद भारतीय दर्शकों के लिए टूर्नामेंट के सभी प्रमुख मुकाबलों तक पहुंच सुनिश्चित हो गई है।

READ MORE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button