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पेट्रोल-डीजल, LPG के सस्ते होने की उम्मीद… ट्रंप के इस ऐलान से मिल सकती है राहत

ईरान-अमेरिका समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, वैश्विक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद से नरम पड़े कच्चे तेल के भाव

न्यूज डेस्क, 16 जून 2026:

पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच दुनिया को बड़ी राहत मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर पड़ सकता है।

हाल ही में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 3.9 प्रतिशत फिसलकर 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड ऑयल लगभग 4.8 प्रतिशत गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह गिरावट जारी रहती है तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है।

तेल बाजार में यह नरमी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने का दावा किया। ट्रंप ने कहा कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि समझौता पूरा हो चुका है और अमेरिकी नौसेना को क्षेत्र में लगी नाकेबंदी हटाने का निर्देश दिया गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो सके।

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होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से विभिन्न देशों तक पहुंचता है। पिछले कुछ महीनों से क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग पर अनिश्चितता बनी हुई थी, जिससे तेल बाजार में लगातार उथल-पुथल देखी जा रही थी।

विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती थीं, जिसका असर दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। पाकिस्तान समेत कई देशों की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि दोनों देश सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमत हुए हैं और 19 जून को स्विट्जरलैंड में समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

तेल बाजार में आई इस गिरावट ने फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद जरूर दे दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इसका असर पेट्रोल, डीजल और LPG की खुदरा कीमतों पर कितना दिखाई देता है।

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