लखनऊ, 17 जून 2026:
यूपी पुलिस में 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) की भर्ती हुई है। नवचयनित कंप्यूटर ऑपरेटरों को बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, पुलिस सुधारों और सुशासन को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। 2017 से पहले और वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।

सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेज गति से काम किया है। आज यूपी पुलिस देश में मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने अभिभावकों और गुरुजनों से पूछें कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति कैसी थी। उस समय आए दिन दंगे होते थे। त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। उन्होंने मुरादाबाद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक डीआईजी रैंक के अधिकारी को उपद्रवियों ने बुरी तरह पीटा था और मृत समझकर छोड़ दिया था।
योगी ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा खत्म हो चुका था। भाजपा की अगुवाई में सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया और उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई कि उनकी सात पीढ़ियां भी उपद्रव करना भूल जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस संसाधनों में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में केवल 30 हजार पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था थी जिसे बढ़ाकर 60 हजार कर दिया गया है। जर्जर बैरकों की जगह आधुनिक और बहुमंजिला बैरक बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज यूपी चल नहीं रहा है, भाग रहा है।
कमिश्नरेट व्यवस्था का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है, वही इस पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने पुराने प्रशासनिक ढांचे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले अपराधियों की फाइलें दबा दी जाती थीं। यहां तक कि आईपीएस अधिकारियों की फाइलें भी ऐसी गायब हो जाती थीं कि यमराज भी आ जाएं तो फाइल नहीं मिलती थी। वर्तमान में प्रदेश के सात जिलों में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है।

योगी ने बताया कि पहले केवल चार जिलों में फोरेंसिक लैब थीं जबकि अब 12 जिलों में यह सुविधा उपलब्ध है। हर जिले में साइबर थाना और फोरेंसिक वैन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं वाले राज्यों में शामिल है। केंद्र सरकार की अधिकांश योजनाओं में अग्रणी स्थान पर है।
नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ईमानदारी, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है। किसी भी कर्मचारी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे विभाग की छवि धूमिल हो या लोगों को उंगली उठाने का मौका मिले।






