
लखनऊ, 29 जुलाई 2026:
यूपी में युवाओं को नीति-निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति (सीएम-वाईएसी) के गठन का प्रस्ताव भेजा है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाकर नहीं अपितु शासन का सक्रिय भागीदार बनाकर उनकी आवाज को सीधे सरकार तक पहुंचाना है।
प्रस्ताव के अनुसार समिति रोजगार, शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्टार्टअप, कौशल विकास और मानसिक स्वास्थ्य जैसे समकालीन विषयों पर सरकार को नियमित नीति-सुझाव देगी। डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि बदलती तकनीक और रोजगार बाजार के दौर में युवाओं की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं।
सरकार और युवाओं के बीच निरंतर संवाद समय की जरूरत
ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच निरंतर संवाद स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि जब युवाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी मिलती है तो शासन अधिक उत्तरदायी, प्रभावी और भविष्य दृष्टि वाला बनता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह पहल लागू होती है तो उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है।
सीएम की अध्यक्षता में इतने सदस्यों का सुझाव
प्रस्तावित समिति में लगभग 31 सदस्य होंगे जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के करीब 20 उत्कृष्ट युवा पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रक्रिया से चुने जाएंगे। समिति में कम से कम 40 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया गया है। समिति हर तीन माह में बैठक करेगी और ‘युवा सेतु-यूपी’ नामक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से प्रदेशभर के युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे।
समिति बनाएगा सलाना ये रिपोर्ट
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समिति हर वर्ष ‘उत्तर प्रदेश युवा स्थिति रिपोर्ट’ और ‘युवा पल्स रिपोर्ट’ मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपेगी। साथ ही संबंधित विभागों को समिति की अनुशंसाओं पर 60 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। इसी पहल को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के उद्देश्य से प्रस्ताव की प्रति केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजते हुए राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद (एनवाईएसी) के गठन का भी अनुरोध किया गया है।






