
अनिल निषाद
अयोध्या, 24 जून 2026:
अयोध्या में राम मंदिर के दान और चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितता को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस कमेटी और महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर से जुड़े इतने गंभीर मामले में सरकार की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। उनका कहना था कि दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है जबकि सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी।
जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर के धन के दुरुपयोग या किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आने पर उसकी पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईटी जांच से पहले एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? इससे सरकार की मंशा पर संदेह पैदा होता है।
उन्होंने कहा कि जनता की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। सरकार को तत्काल एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए जिससे सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष रामदास वर्मा, राम अवध पासी, हरजीत सिंह सलूजा, व्यापार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कनौजिया, बृजेश रावत, पूर्व पार्षद जनार्दन मिश्रा, प्रवीण श्रीवास्तव, उमेश उपाध्याय, पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, कवींद्र साहनी, भीम शुक्ला, मोहम्मद आमिर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।






