
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 29 जून 2026ः
विश्वविख्यात निशानेबाज और द्रोणाचार्य पुरस्कार सम्मानित स्वर्गीय कोच जसपाल राणा के निधन के ठीक 16 दिन बाद उनकी मां श्यामा देवी राणा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने रविवार की रात दिल्ली के आरआर अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 78 वर्ष की थीं और लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं।
सबसे मार्मिक संयोग यह रहा कि जिस दिन श्यामा देवी राणा का निधन हुआ, उसी दिन उनके बेटे जसपाल राणा का जन्मदिन भी था। बेटे को खोने के महज 16 दिन बाद मां ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया, जिससे परिवार को दूसरा बड़ा आघात लगा। बताया जा रहा है कि परिवार ने जसपाल राणा के निधन की सूचना श्यामा देवी को नहीं दी थी। इसलिए उनको पता ही नहीं चला कि बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
श्यामा देवी राणा अपने पीछे एक ऐसा परिवार छोड़ गई हैं, जिसने भारतीय खेल जगत में अमूल्य योगदान दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल जगत, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बता दें कि 12 जून को इलाज के दौरान दिल्ली के एक निजी अस्पताल में जसपाल राणा का निधन हो गया था। उनके निधन से भारतीय निशानेबाजी जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची थी। वह देश के सबसे सफल निशानेबाजों में शामिल रहे और बाद में द्रोणाचार्य पुरस्कार सम्मानित कोच के रूप में अनेक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया। 16 दिन के अंदर लगातार दो बड़ी पारिवारिक त्रासदियों से पूरे राणा परिवार को गहरा झटका लगा है।






