Lucknow City

समाधान दिवस में गूंजा जमीन विवाद, ग्रामीणों ने SDM कोर्ट में दाखिल केस पर उठाए सवाल

सिसेंडी गांव के दर्जनों लोगों ने तहसील दिवस में दिया प्रार्थना पत्र, 1979 में जमीन खरीदने का दावा, कब्जा व बेदखली का वाद दायर कर मृत लोगों को भी पक्षकार बनाने का आरोप, साजिश बताकर निष्पक्ष जांच की मांग रखी

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 6 जुलाई 2026:

मोहनलालगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान बिजली, पानी, सड़क की समस्याओं के साथ सिसेंडी गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने जमीन विवाद को लेकर तहसील प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब 50 साल से उनके कब्जे वाली जमीन को लेकर फर्जी आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वाद निरस्त करने के साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि जसवीर सिंह निवासी 107-ए नंदा फार्म, फैजुल्लागंज ने उपजिलाधिकारी न्यायालय, मोहनलालगंज में धारा 134 के तहत कब्जा और बेदखली का वाद दाखिल किया है। उनका कहना है कि मुकदमा वास्तविक तथ्यों के विपरीत है, जिससे वर्षों से वहां रह रहे परिवारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।

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शिकायतकर्ताओं के मुताबिक उन्होंने वर्ष 1979 में यह जमीन तत्कालीन मालिक बलवंत सिंह से विधिवत खरीदी थी। इसके बाद सभी लोगों ने अपने-अपने हिस्से में मकान और दुकान बनाकर रहना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब पांच दशक से उनका लगातार कब्जा है। बलवंत सिंह के जीवित रहते ही ज्यादातर निर्माण हो चुके थे, तब कभी कोई आपत्ति नहीं उठाई गई। उनका निधन वर्ष 2002 के आसपास हो गया था।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी जमीन विवाद को लेकर 29 दिसंबर 2025 को मोहनलालगंज थाने में भी शिकायत दी गई थी। उस समय सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद अब फिर शिकायत देकर कोर्ट में वाद दाखिल किया गया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

प्रार्थना पत्र में यह आरोप भी लगाया गया कि कोर्ट में दाखिल वाद में कई लोगों का नाम गलत दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं, तीन मृत व्यक्तियों को भी पक्षकार बनाकर नोटिस जारी कर दी गई है। कुछ अन्य लोगों के नाम और विवरण भी गलत तरीके से दर्ज होने का दावा किया गया है।

ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी मुकदमे पर रोक लगाने, गलत तथ्यों के आधार पर किए जा रहे उत्पीड़न को खत्म करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस मामले में एसडीएम पवन पटेल ने शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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