
सीतापुर, 20 जुलाई 2026:
सीतापुर में वन्यजीवों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ संदना थाना क्षेत्र के रसुलवा गांव में किसान की जान लेने वाला बाघ पांच दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है, वहीं सोमवार सुबह संदना क्षेत्र के ही रघुनाथपुर तेंदुआ गांव में जंगली सियार ने पिता-पुत्र और चार मवेशियों पर हमला कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है और लोग खेतों की ओर अकेले जाने से बच रहे हैं।
पांच दिन पहले बाघ के हमले में गई थी किसान की जान
रसुलवा गांव में किसान की मौत के बाद से वन विभाग लगातार बाघ को पकड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। रविवार रात उपरहितापुर गांव में लगाए गए पिंजरे के पास एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई। बाघ पिंजरे तक पहुंचा, लेकिन उसमें बंधी बकरी का शिकार किए बिना ही वापस जंगल की तरफ लौट गया। इसके बाद वन विभाग ने ताजा पगचिह्न मिलने पर इलाके में कॉम्बिंग अभियान चलाया, लेकिन टीम के हाथ कुछ नहीं लगा।
सुबह खेत गए पिता-पुत्र पर सियार ने बोला हमला
इसी बीच सोमवार सुबह करीब आठ बजे रघुनाथपुर तेंदुआ गांव में जंगली सियार ने हमला कर दिया। गांव निवासी 70 वर्षीय रघुपाल सिंह और 35 वर्षीय बेटा रघुवीर सिंह खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकले सियार ने दोनों पर हमला कर दिया। दोनों को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर लाठी-डंडों की मदद से सियार को खदेड़ा, जिसके बाद दोनों की जान बच सकी। घायल पिता-पुत्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

चार मवेशियों को भी बनाया निशाना
ग्रामीणों के मुताबिक, लोगों से बचकर भागा सियार गांव के अंदर पहुंच गया और रास्ते में चार मवेशियों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बच्चों और पशुओं को घरों के अंदर सुरक्षित कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि सियार दोबारा हमला कर सकता है, इसलिए जल्द कार्रवाई जरूरी है।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग को जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में तुरंत टीम भेजकर सियार को पकड़ा जाए, ताकि किसी और पर हमला न हो। उधर, डीएफओ ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा जा रहा है और हालात पर नजर रखी जा रही है। लगातार सामने आ रही बाघ और सियार के हमलों की घटनाओं ने सीतापुर के ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग के सामने अब एक साथ दो अलग-अलग वन्यजीवों से जुड़े खतरे से निपटने की चुनौती खड़ी हो गई है।






