
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 20 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अग्निवीरों के लिए की गई ऐतिहासिक घोषणा अब जल्द जमीन पर उतरने जा रही है। उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य बनेगा, जहां सेना से चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को शत-प्रतिशत रोजगार मिलेगा। इसके लिए प्रदेश में जल्द ही ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ का गठन किया जाएगा। यह जानकारी उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेनि.) अजय कोठियाल ने मीडिया से बातचीत में दी।
यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेनि.) अजय कोठियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अग्निवीर रोजगार सेल अग्निवीरों को उनकी योग्यता, अनुभव और रुचि के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इसके तहत उन्हें सरकारी विभागों, निजी संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जा रही है।
एआरसी अग्निवीरों को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगा। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और खेल जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है। वहीं, एआरसी के माध्यम से अन्य अग्निवीरों के लिए भी रोजगार के नए रास्ते खोले जाएंगे।
अजय कोठियाल ने बताया कि अग्निवीरों के लिए 50 से अधिक क्षेत्रों की सूची तैयार की गई है, जहां उनकी सैन्य पृष्ठभूमि और प्रशिक्षण का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में काम करेगा, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की यह पहल न केवल प्रदेश के युवाओं को नई दिशा देगी, बल्कि देशभर के लिए एक उदाहरण भी बनेगी।






