
अनिल निषाद
अयोध्या, 23 जुलाई 2026:
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में आयोजित ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में चढ़ावे की सुरक्षा, दान गणना व्यवस्था, स्टाफ नियुक्तियों और मीडिया संवाद सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अभी जारी है और विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस पर विस्तृत चर्चा से फिलहाल परहेज किया गया। हालांकि, ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया कि इस पूरे प्रकरण का रामभक्तों की आस्था और मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए दान गणना कक्ष सहित पूरे मंदिर परिसर में लगे सभी CCTV कैमरों की समीक्षा की गई। सुरक्षा अधिकारियों को सभी कैमरों तक निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं जिससे निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके।
ट्रस्ट ने यह भी दोहराया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोना-चांदी की मात्रा और शुद्धता की जांच आगे भी भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोगी संस्थान टकसाल से कराई जाएगी। वहीं, दान गणना व्यवस्था को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भूमिका पर असंतोष जताते हुए वित्त समिति को बैंक के साथ हुए एमओयू और वर्तमान प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीईओ पद के लिए अपेक्षा से अधिक आवेदन मिलने के कारण चयन समिति को एक माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट में सचिव की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही मीडिया और समाज के साथ नियमित एवं अधिकृत संवाद सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ट्रस्ट का आधिकारिक प्रवक्ता भी नियुक्त होगा। अन्य रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
ट्रस्ट की धार्मिक समिति का पुनर्गठन करते हुए स्वामी गोविंद देव गिरि को अध्यक्ष बनाया गया। समिति में जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, स्वामी दिनेंद्रदास, स्वामी कमलनयनदास, महंत राजकुमार दास, स्वामी रामानंद दास और महंत मिथिलेशनंदिनी शरण को सदस्य बनाया गया है। बैठक के अंत में ट्रस्ट ने हालिया आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास पहले की तरह अटूट बना हुआ है।






