लखनऊ, 25 जुलाई 2026:
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर यूपी की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में शनिवार को सैकड़ों युवाओं का गुस्सा उस समय जश्न में बदल गया, जब प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पहुंची। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की अगुवाई में चल रहे प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने खुशी का इजहार करते हुए मेलोडी टॉफियां बांटी। शिक्षा मंत्री के खिलाफ लाए गए पोस्टर-बैनर फाड़ दिए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी आंदोलन में शामिल हुए।

प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि उनकी लंबे समय से उठ रही मांग आखिरकार पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि इतनी खुशी होली-दिवाली पर भी नहीं हुई, जितनी आज इस इस्तीफे की खबर से हुई है। अब घर जाकर दावत होगी। इससे पहले दोपहर से ही बड़ी संख्या में युवा ईको गार्डन पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न नारों वाले पोस्टर थे और वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस्तीफे की सूचना मिलते ही पूरा माहौल जश्न में बदल गया।
प्रदर्शन के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सीएए और एनआरसी आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस की बर्बरता का दर्द वह खुद झेल चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उन्हें रातभर पीटा गया, नाखून उखाड़े गए, दांत तोड़ दिया गया और रीढ़ की हड्डी तक प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि छात्रों पर किसी भी तरह का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी चिंता के चलते वह इस आंदोलन में शामिल हुए हैं।

आजाद समाज पार्टी के अनिकेत धानुक ने कहा कि लखनऊ का ईको गार्डन अब दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह जनआवाज का बड़ा मंच बन चुका है। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने और घायल छात्रों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र के खिलाफ है और यह आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। उनके मुताबिक जेन-जी बदलाव का संदेश देने के लिए सड़कों पर उतर चुकी है।






