राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 31 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ ने सेवा नियमावली लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारी गांधी पार्क से नारेबाजी करते हुए सीएम आवास की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। इसके बाद लैब टेक्नीशियनों ने सड़क पर ही धरना दे दिया।
लैब टेक्नीशियन गांधी पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम आवास की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। आगे बढ़ने से रोकने पर लैब टेक्नीशियनों ने सड़क पर धरना दे दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्टों के लिए सेवा नियमावली लागू नहीं हो पाई है।

संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है और हर साल बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षित होकर निकल रहे हैं। इसके बावजूद उनके लिए स्थायी नियुक्ति की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन कई बार शासन, विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री को अपनी मांगों से अवगत करा चुका है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से पदों के सृजन और सेवा नियमावली संशोधन के प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद मामला शासन स्तर पर लंबित है।
महासचिव मयंक राणा ने सरकारी लैबों को निजी कंपनियों के माध्यम से संचालित किए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि निजीकरण से स्थायी रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं, जबकि प्रदेश में प्रशिक्षित व अनुभवी लैब टेक्नोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। उन्होंने मांग की कि सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े पदों को तत्काल भरा जाए और ग्रामीण व पर्वतीय क्षेत्रों में लैब सेवाओं को मजबूत किया जाए। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर एकता विहार स्थित धरना स्थल पहुंचाया, जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।






