
लखनऊ, 5 अगस्त 2026:
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र से निलंबित किए गए समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव ने बुधवार को विधान भवन परिसर में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने वह हाथ में दान पात्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला पोस्टर लेकर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में सपा विधायक अतुल प्रधान, डॉ. मुकेश वर्मा समेत कई नेता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।
धरने में सचिन यादव वही पोस्टर लेकर पहुंचे, जिसे मंगलवार को विधानसभा के भीतर लहराने पर विवाद खड़ा हो गया था। इसी मामले में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें मौजूदा मानसून सत्र से निलंबित कर दिया था। धरने के दौरान सचिन यादव ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर जनता जवाब चाहती है लेकिन सरकार सदन में इस विषय पर चर्चा से बच रही है।
उनका कहना था कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है, जबकि सत्ता पक्ष इससे बच रहा है।
विधानसभा में इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को सपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी की थी। दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य के दौरान भी हंगामा जारी रहा। इसी बीच सचिन यादव ने मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला पोस्टर लहराया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्हें पहले चेतावनी दी गई, फिर निलंबित करने की घोषणा कर दी गई।
इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बुधवार को भी विधानसभा का माहौल शांत नहीं हो सका। लगातार विरोध के बीच कार्यवाही पहले आधे घंटे और बाद में दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।






