Gorakhpur

DDUGU में खामियों पर राज्यपाल ने मंच से लगाई लताड़, कहा- CM के शहर का ये हाल, OIL सैंपल लेकर लौटीं लखनऊ

यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों की बदहाल व्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी, मेस में रखे तेल-मसालों के सैंपल मौके पर भरवाए, तीन महीने में सभी कमियां दूर करने का अल्टीमेटम

गोरखपुर, 7 अगस्त 2026:

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी (DDUGU) में गुरुवार को हुआ दीक्षांत समारोह कई वजह से सर्खियों में रहा। बाहर गेट पर एबीवीपी नेताओं के प्रदर्शन के बाद कैंट इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया। वहीं डिग्री मेडल देकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का पारा हॉस्टलों की व्यवस्था देख हाई हो गया। लड़कों के हॉस्टल में मेस बंद मिली, जबकि लड़कियों के हॉस्टल की मेस में रखे खाने के सामान की गुणवत्ता पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। हालात देखकर उन्होंने मौके पर ही Food Safety विभाग की टीम बुलवाई, तेल, मसालों समेत कई खाद्य सामग्री के सैंपल भरवाए। इनमें से एक सैंपल वह खुद लखनऊ जांच के लिए लेकर चली गईं।

सैंपल बदलने की आशंका पर सख्त रुख

राज्यपाल ने कहा कि कमियां छिपाई नहीं जाएंगी, उन्हें बताना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार जांच के दौरान सैंपल बदल दिए जाते हैं, इसलिए एक सैंपल वह खुद लखनऊ ले जाकर जांच कराएंगी। साथ ही स्थानीय अधिकारियों को भी जांच कराने के निर्देश दिए ताकि दोनों रिपोर्ट का मिलान हो सके और पता चल सके कि छात्रों को किस गुणवत्ता का खाना परोसा जा रहा है।

ये भी पढ़ें:

मुख्यमंत्री का शहर, फिर भी ऐसी व्यवस्था

राज्यपाल ने कहा कि गोरखपुर मुख्यमंत्री का शहर है, ऐसे में यहां की यूनिवर्सिटी में इस तरह की लापरवाही चिंता की बात है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में नौ छात्रावास हैं। तीन छात्राओं के, छह छात्रों के। लड़कियों के हॉस्टल में मेस चल रही है, लेकिन लड़कों को बाहर से टिफिन मंगवाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रोज टिफिन का खाना छात्रों के लिए सही व्यवस्था मानी जा सकती है।

तेल देखकर पूछा, यह खाने लायक है या कबाड़

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने मेस में रखे डिब्बे खुलवाए। तेल की गुणवत्ता देखकर उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि यह तेल है या कबाड़। उन्होंने कहा कि वह गृहिणी भी हैं, इसलिए किचन में इस्तेमाल होने वाले सामान की गुणवत्ता पहचानती हैं। इसी वजह से तुरंत Food Safety टीम बुलाकर सैंपल भरवाए गए।

टिफिन सिस्टम पर भी जताई नाराजगी

राज्यपाल ने कहा कि छात्रों के लिए बाहर से आने वाला टिफिन बंद होना चाहिए। यूनिवर्सिटी खुद अच्छी गुणवत्ता का सामान खरीदकर मेस में खाना तैयार कराए। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आने वाले टिफिन के जरिए कई बार शराब और नशीले पदार्थ भी अंदर पहुंच जाते हैं, इसलिए इस व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए।

जनभवन की रिपोर्ट में भी खुलीं कई खामियां

राज्यपाल ने बताया कि जनभवन की टीम ने पहले ही हॉस्टलों और कैंपस का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। अलकनंदा हॉस्टल में वाई-फाई बंद मिला। कई कमरों में पंखे नहीं थे, जिन्हें उनके दौरे से पहले लगाया गया। रामप्रसाद शुक्ल हॉस्टल में गंदगी मिली। अमरावती गर्ल्स हॉस्टल में पानी और बिजली की दिक्कत सामने आई। चंद्रावत हॉस्टल जर्जर हालत में मिला, जिसे तीन साल से हटाया नहीं जा सका।

विभागों की हालत भी खराब मिली

निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक भवनों में भी कई खामियां सामने आईं। साइंस विभाग में पंखों की कमी मिली। केमिस्ट्री लैब में पानी की टोटियां लगी थीं लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा था। कई जगह CCTV बंद मिले। हिंदी और जंतु विज्ञान विभाग में लगे Fire Safety उपकरणों की वैधता खत्म हो चुकी थी। हीरापुरी कॉलोनी और टाइप-2 आवासों में भी गंदगी मिली।

तीन महीने की मोहलत, छात्रों को भी मिलेगी जिम्मेदारी

राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को तीन महीने के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया। इसके लिए विभागाध्यक्षों के साथ छात्रों को भी समिति में शामिल करने को कहा गया है। इन समितियों की रिपोर्ट तीन महीने बाद जनभवन भेजी जाएगी, जिसके आधार पर व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा होगी।

ये भी पढ़ें  बाराबंकी को आज योगी सरकार की बड़ी सौगात, 542 करोड़ की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button