
लखनऊ/गोंडा, 10 अगस्त 2026:
महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी होने के बाद भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को अपने आरोपों का जवाब देते हुए पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया। गोंडा के विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि कुश्ती संघ के चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को हराने के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई।
बृजभूषण ने आरोप लगाया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के परिवार के दबाव में कुछ महिला पहलवान उनके खिलाफ बोलने के लिए तैयार हुईं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कई कुश्ती अकादमियां हैं लेकिन महादेव रेसलिंग एकेडमी एक परिवार से जुड़ी है। इसे स्थापित करने में हुड्डा परिवार की अहम भूमिका रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद ने अदालत के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ‘एक परिवार, एक अखाड़ा’ से संबंधित निष्कर्ष उनके नहीं बल्कि दो पीड़ित लड़कियों के बयानों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि फैसले के बाद उनकी ओर से उठाए गए सवाल सही साबित हुए हैं।
बृजभूषण ने पहलवानों के बयानों में विरोधाभास का दावा करते हुए कहा कि निगरानी समिति, शपथ पत्र और अदालत में दिए गए बयानों में काफी अंतर था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित घटनाओं के समय वह पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि पूरी साजिश में 42 लोग शामिल थे। कुछ उद्योगपतियों ने इसके लिए पैसा लगाया था। इसके साथ ही आरोप लगाया कि मीडिया में बिना स्वतंत्र पुष्टि के उन्हें दुष्कर्म का आरोपी बताया गया।

WFI के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जूनियर पहलवानों के हित में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ट्रायल की व्यवस्था में नियम बदले गए थे। कुछ नामी पहलवान कथित तौर पर निर्धारित प्रक्रिया के बिना बड़े मुकाबलों में सीधे प्रवेश चाहते थे। उनके मुताबिक इसी बदलाव का विरोध बाद में राजनीतिक आंदोलन में बदल गया और आंदोलन कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी का ‘खिलौना’ बन गया। उन्होंने कहा कि पूरे विवाद से खेल व्यवस्था के साथ महिला खिलाड़ियों को भी नुकसान हुआ।






