Uttarakhand

लखपति दीदी का नया रिकॉर्ड, उत्तराखंड में 3 लाख ने पार किया एक लाख सालाना आय का आंकड़ा

2026-27 का लक्ष्य समय से पहले पूरा करने की तैयारी, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने खेती, डेयरी, होमस्टे, फूड प्रोसेसिंग जैसे कारोबार से बदली तस्वीर, House of Himalayas ब्रांड से देशभर में बढ़ी पहचान

देहरादून, 14 अगस्त 2026:

उत्तराखंड में महिला आर्थिक सशक्तिकरण की मुहिम लगातार नए मुकाम छू रही है। राज्य में लखपति दीदी योजना के तहत सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या 3 लाख 3 हजार 696 तक पहुंच गई है। अब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.12 लाख नई लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसे तय समय से पहले पूरा करने की तैयारी शुरू हो गई है।

स्वयं सहायता समूहों से बदली गांवों की तस्वीर

उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए नवंबर 2022 से चल रही लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने का बड़ा जरिया बनी है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सरकारी अनुदान और ऋण योजनाओं का लाभ लेकर अपने कारोबार खड़े कर रही हैं। पिछले वर्षों में तय किए गए सभी लक्ष्य समय से पहले पूरे होने से योजना की रफ्तार लगातार बनी हुई है।

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खेती से होमस्टे तक, कई कारोबार बने कमाई का जरिया

ग्रामीण महिलाएं जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग, मसाला निर्माण, हस्तशिल्प, डेयरी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, होमस्टे जैसे कारोबार अपना रही हैं। मिलेट आधारित बेकरी उत्पादों की बढ़ती मांग ने भी महिलाओं की कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

बाजार तक पहुंच आसान, बिक्री के लिए तैयार नेटवर्क

महिला समूहों के उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग मजबूत करने के लिए प्रदेश में 24 ग्रोथ सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सरस मेलों के जरिए उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है।

House of Himalayas से मिली नई पहचान

धामी सरकार की पहल पर House of Himalayas ब्रांड के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिली है। बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और गुणवत्ता सुधार की वजह से महानगरों समेत कई बड़े शहरों में इन उत्पादों की मांग बढ़ी है।

पांच लाख से ज्यादा महिलाएं समूहों से जुड़ीं

उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों के 95 ब्लॉकों में 5,19,943 महिलाओं को संगठित किया गया है। इनके लिए 70,767 स्वयं सहायता समूह, 8,179 ग्राम संगठन और 615 क्लस्टर लेवल फेडरेशन बनाए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण समेत कई योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना, ड्रोन दीदी योजना, सोलर सखी योजना, मुख्यमंत्री सतत आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना भी इसी दिशा में चलाई जा रही हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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