
लखनऊ, 14 अगस्त 2026:
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। संसद में मामला उठने के बाद अब बसपा सुप्रीमो एवं यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट जारी कर इसे दलित पहचान और सामाजिक अपमान से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
मायावती ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद उनके दलित होने की वजह से मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया। उन्होंने इस घटना को ‘अति-निंदनीय और चिंतनीय’ बताते हुए उत्तराखंड सरकार से बिना देरी किए कार्रवाई की मांग की।
बसपा प्रमुख ने कहा कि ऐसे जातिवादी और सामंती तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आरएसएस प्रमुख से भी इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की अपील की। मायावती ने आरक्षण को लेकर आरएसएस की ओर से दलितों के आर्थिक रूप से मजबूत तबके को आरक्षण से वंचित करने संबंधी कथित विचारों का भी जिक्र किया।
मायावती ने अपने पोस्ट में महाराष्ट्र के नांदेड में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे बेहद दुखद और चिंतनीय बताते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और दलित सम्मान, जातीय भेदभाव तथा सामाजिक बराबरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।






