Uttarakhand

हरिद्वार में विभाजन की यादें हुईं ताजा, CM धामी बोले, इतिहास से सीखकर ही मजबूत बनेगा भारत

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेने की अपील, कुंभ 2027 की तैयारियों का भी जिक्र, सांस्कृतिक विरासत बचाने पर सरकार का फोकस

हरिद्वार, 14 अगस्त 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत विभाजन में जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह दिन उन परिवारों के दर्द, संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्हें 1947 में अपना घर-बार छोड़ना पड़ा।

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सिर्फ जमीन नहीं, लोगों की पहचान भी बंटी

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों की साझा संस्कृति, पहचान, विरासत और भावनाओं का भी बिखराव था। उन्होंने कहा कि उस दौर की पीड़ा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि इतिहास से सीख लेकर देश की एकता मजबूत की जा सके।

14 अगस्त को स्मृति दिवस बनाने के फैसले का किया जिक्र

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का फैसला लेकर उन परिवारों के संघर्ष को सम्मान दिया है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली। उन्होंने कहा कि इसका मकसद देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

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सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों से फिर जुड़ रहा है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास, महाकाल लोक, करतारपुर कॉरिडोर समेत कई परियोजनाओं का जिक्र किया। साथ ही अनुच्छेद 370 में बदलाव, तीन तलाक पर रोक, नागरिकता संशोधन कानून, वक्फ कानून में संशोधन और 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया।

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उत्तराखंड में विकास के साथ संस्कृति पर भी फोकस

धामी ने कहा कि राज्य सरकार दूरदराज के इलाकों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इसके साथ ही उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों और देवभूमि की पहचान को सुरक्षित रखने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

कुंभ 2027 की तैयारियों का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुंभ को भव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। सरकार विकास के साथ राज्य की संस्कृति और परंपराओं को भी बराबर महत्व दे रही है।

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रक्तदाताओं का सम्मान, प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्लड कैंप का निरीक्षण किया, रक्तदान करने वालों को प्रशस्ति पत्र दिए। उन्होंने विभाजन विभीषिका पर लगी प्रदर्शनी भी देखी। विभिन्न जिलों से आए उत्तरांचल पंजाबी महासभा के वरिष्ठ सदस्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

त्रिवेंद्र रावत ने बताई विभाजन की पृष्ठभूमि

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि तक भारत अखंड था, लेकिन उसके बाद देश का विभाजन हुआ। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान की सीमा तय करने की जिम्मेदारी अंग्रेज अधिकारी सिरिल रेडक्लिफ को दी गई थी, जिन्हें भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी नहीं थी।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, मेयर किरण जैसल, नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, विधायक आदेश चौहान, सविता कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला, जिला अध्यक्ष प्रमोद पांधी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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