
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 20 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड के मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्राधिकरण में ऑनलाइन मानचित्र पत्रावलियों के निस्तारण, तकनीकी खामियों, डिजिटल डाटा की सुरक्षा और वित्तीय मॉड्यूल को लेकर आयोजित बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और आवेदकों को अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही लंबित पत्रावलियों का समय से निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया गया।
399 पत्रावलियों को दोबारा प्रस्तुत कराने के निर्देश
बैठक में सामने आया कि एमडीडीए में ऑनलाइन प्राप्त मानचित्र संबंधी कुल 399 पत्रावलियां निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद तकनीकी त्रुटि के कारण Auto Reject अथवा Deemed Approved हो गई थीं। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि ऐसी सभी पत्रावलियों को वर्तमान स्थिति में निरस्त करते हुए संबंधित आवेदकों से उन्हें दोबारा Resubmit कराया जाए। इसके बाद प्रत्येक प्रकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से किसी आवेदक को परेशानी नहीं होनी चाहिए। व्यवस्था ऐसी हो कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
डुप्लीकेट फाइलों की समस्या होगी हल
ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली में एक ही आवेदन के सापेक्ष दोहरी अथवा Duplicate Files स्वतः जनरेट होने का मामला भी बैठक में सामने आया। इस पर उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी खामी का परीक्षण कर प्रभावित पत्रावलियों को शीघ्र ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिस्टम में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में एक ही आवेदन के सापेक्ष डुप्लीकेट पत्रावली तैयार न हो।
समय-सीमा से पहले मिलेगा अलर्ट
मानचित्र पत्रावलियों के निस्तारण की निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत ऑनलाइन प्रणाली में Pop-up, Notification और Alert की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारी को समयसीमा पूरी होने से पहले लंबित पत्रावली की जानकारी मिल सकेगी और उसके निस्तारण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। इससे पत्रावलियों के Auto Reject अथवा Deemed Approved होने की स्थिति को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।
एमडीडीए का होगा अपना सर्वर
बैठक में प्राधिकरण के डिजिटल डाटा की सुरक्षा को भी प्रमुखता से उठाया गया। उपाध्यक्ष ने एमडीडीए के महत्वपूर्ण डाटा को साइबर हमलों और तकनीकी जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए Dedicated Server विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षित बैकअप व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा प्राधिकरण के लिए AI आधारित एप्लिकेशन/सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसमें एमडीडीए से संबंधित आवश्यक डाटा व अभिलेख एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगे। एक ही सर्च के माध्यम से संबंधित जानकारी शीघ्र प्राप्त की जा सकेगी।
वित्तीय प्रविष्टियों का प्रतिदिन होगा मिलान
एमडीडीए के Finance Module की भी समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन की सभी वित्तीय प्रविष्टियों और पत्रावलियों का मिलान (Reconciliation) उसी दिन अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। किसी भी वित्तीय प्रकरण को अगले दिन के लिए लंबित न रखा जाए। इसके साथ ही प्राधिकरण की लंबित Balance Sheets को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने के निर्देश दिए।सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी कमियों को चिह्नित कर उनका समाधान किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में पत्रावलियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। डाटा सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।






