Uttarakhand

Olympic 2036 : उत्तराखंड में तैयारियां तेज, खिलाड़ियों को दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग

मुख्य सचिव ने खेल विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक, बोले- प्रतिभाओं की पहचान के लिए टैलेंट हंट जैसे कार्यक्रम किए जाएं आयोजित, 100 से 150 प्रतिभावान बच्चों को चिह्नित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाए

देहरादून, 20 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक 2036 के लिए प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने की प्लानिंग को लेकर खेल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रदेश की क्षमता और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप खेलों की पहचान करते हुए खिलाड़ियों को अभी से व्यवस्थित व वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कहा कि उत्तराखंड के पोटेंशियल के आधार पर खेलों का चयन किया जाए। ऐसे खेलों को प्राथमिकता दी जाए, जिनमें प्रदेश के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

‘खिलाड़ियों के चयन के लिए वैज्ञानिक प्रणाली विकसित हो’

उन्होंने कहा कि खेलों को प्राथमिकताओं में और आगे लाने की आवश्यकता है। इसके लिए विभाग द्वारा स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में कार्य किया जाए। उन्होंने प्रतिभाओं की पहचान के लिए टैलेंट हंट जैसे कार्यक्रम व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ियों के चयन के लिए एक रोबस्ट और वैज्ञानिक प्रणाली विकसित की जाए। प्रारंभिक चरण में 100 से 150 प्रतिभावान बच्चों को चिह्नित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। इन बच्चों के लिए प्रो-एक्टिव होकर प्रशिक्षण, कोचिंग, फिटनेस और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।

स्कूल एजुकेशन सिस्टम में खेलों को प्रभावी ढंग से शामिल करने पर जोर

आनन्द बर्द्धन ने स्कूल स्तर से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल एजुकेशन सिस्टम में खेलों को और प्रभावी ढंग से शामिल करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्कूलों में कार्यरत पीटीआई के सेंसिटाइजेशन और ग्रूमिंग पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि वे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने में प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचों की क्षमता निर्माण भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अच्छे प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाकर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कोच के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि इससे प्रदेश में आने वाले समय में गुणवत्तापूर्ण कोचों की उपलब्धता हो सकेगी।

‘प्रशिक्षण शुरू करने की टाइमलाइन निर्धारित की जाए’

उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के चिह्नीकरण, कोच की उपलब्धता और प्रशिक्षण शुरू करने की टाइमलाइन अभी से निर्धारित की जाए। प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट लक्ष्य एवं समयसीमा तय करते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए सक्षम बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरी हैं। उत्तराखंड में उपलब्ध खेल प्रतिभा को उचित मंच, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकती है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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