Varanasi

41 बैंक खातों से 116 करोड़ का खेल, वाराणसी में साइबर फ्रॉड नेटवर्क के 4 लोग गिरफ्तार, ऐसे फेंकते थे जाल

फर्जी फर्म के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते, कमीशन का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाते थे खातों की बैंकिंग डिटेल दूसरे साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जाती थी, ऑनलाइन गेमिंग समेत दूसरे तरीकों से आती थी ठगी की रकम, 41 खातों में 1 अरब 16 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये का ट्रांजेक्शन, NCRP पर 143 शिकायतें दर्ज, पूछताछ में दो और संदिग्धों के नाम मिले

वाराणसी, 23 अगस्त 2026:

यूपी के वाराणसी में साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम पुलिस ने चेतगंज पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी फर्म तैयार कर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों की डिटेल दूसरे साइबर अपराधियों को दी जाती थी, जिसके बाद ठगी की रकम इन्हीं खातों में पहुंचाई जाती थी।

बिहार का नितीश है नेटवर्क का मास्टरमाइंड

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितीश कुमार पांडेय, दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा व रेहान के रूप में हुई है। इनमें नितीश मूल रूप से रोहतास, बिहार का रहने वाला है, जबकि बाकी तीन आरोपी वाराणसी के बताए गए हैं। एसीपी क्राइम विनय द्विवेदी के मुताबिक, चेतगंज थाने में साइबर फ्रॉड को लेकर केस दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू की थी। इसी दौरान करौंदी स्थित विवेकानंदपुरी कॉलोनी के पास कुछ संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया।

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कमीशन का लालच, फिर खुलवाते थे खाते

जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य वाराणसी में रहने वाले लोगों के साथ दूसरे जिलों व राज्यों से आकर यहां बसे लोगों को भी निशाना बनाते थे। उन्हें कमीशन देने का लालच दिया जाता था। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार कर बैंक अकाउंट खुलवाया जाता था। खाता खुलने के बाद उसकी बैंकिंग डिटेल आरोपी अपने पास रखते थे। यही जानकारी आगे दूसरे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग समेत दूसरे तरीकों से की गई साइबर ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

41 खातों में 116 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन

पुलिस की जांच में अब तक 41 बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। इन खातों में कुल 1 अरब 16 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये का लेनदेन मिला है। इन खातों को लेकर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानी NCRP पर 143 शिकायतें भी दर्ज हैं। पुलिस अब इन खातों में हुए ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन मामलों से जुड़ी थी, किन लोगों के खाते इस्तेमाल किए गए, नेटवर्क में दूसरे कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस को पुराना क्राइम रिकॉर्ड भी मिला

पुलिस के मुताबिक, नितीश कुमार पांडेय डीही, थाना शिवसागर, रोहतास, सासाराम का रहने वाला है। फिलहाल वह विवेकानंदपुरी कॉलोनी, चितईपुर में रह रहा था। पूछताछ में उसने बैंक खातों की जानकारी दूसरे साइबर अपराधियों तक पहुंचाने की बात बताई है। पुलिस को नितीश का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा व रेहान के पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

गिरोह से जुड़े दो और नाम सामने आए

पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी व रोमिल वर्मा के नाम भी मिले हैं। दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को चेतगंज थाने में दर्ज मुकदमे में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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