Prayagraj

स्क्रीन पर देखीं जलभराव की तस्वीरें, डिप्टी CM बोले- सौ साल की जरूरत पर बनेगा Drainage Plan

प्रयागराज की हालत पर केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक, रामबाग समेत कई क्षेत्रों की समस्या पर मांगी रिपोर्ट, सीवर लाइन से लेकर पानी की निकासी तक होगा विशेषज्ञों से सर्वे, शिकायत मिलते ही अफसरों को मौके पर भेजने के लिए बनेगा WhatsApp ग्रुप

प्रयागराज, 24 अगस्त 2026:

यूपी के प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को लंबी अवधि की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान उन्होंने स्क्रीन पर शहर के जलभराव वाले इलाकों की हालत देखी। तस्वीरों में पानी से प्रभावित रास्तों को देखने के बाद उन्होंने कहा कि सिर्फ पंप लगाकर पानी निकालना स्थायी समाधान नहीं है।

100 साल की जरूरत देखकर बनेगा प्लान

डिप्टी सीएम ने प्रयागराज में नैनी में एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत टेस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में भाग लेने से पूर्व सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान जलभराव, बाढ़ को लेकर समीक्षा बैठक की। इसके बाद मीडिया से रूबरू होकर कहा कि प्रयागराज में जलनिकासी के लिए ऐसी Planning तैयार की जाए, जो आने वाले 100 साल की जरूरत को ध्यान में रखे। इसमें सिर्फ मौजूदा नालों, सीवर लाइनों की स्थिति नहीं देखी जाएगी, बल्कि आबादी बढ़ने, नई सड़कों, आवासीय इलाकों के विस्तार को भी शामिल किया जाएगा।
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रामबाग में पानी भरने की वजह तलाशेंगे

बैठक में विधायकों, पार्षदों ने अपने इलाकों की जलभराव की समस्याएं बताईं। रामबाग में शहर के बड़े हिस्से का पानी पहुंचने से होने वाले जलभराव को लेकर तत्काल कदम उठाने को कहा गया। राजापुर समेत दूसरे प्रभावित इलाकों में टीम भेजकर मौके की स्थिति देखने के निर्देश दिए गए।

राजापुर में सीवर लाइन की अलग रिपोर्ट

राजापुर में हनुमान मंदिर के आसपास सीवर लाइन, पानी की निकासी की समस्या को लेकर अलग रिपोर्ट तैयार होगी। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि दफ्तर में बैठकर रिपोर्ट बनाने के बजाय मौके पर जाकर यह देखा जाए कि पानी किस रास्ते से आता है, कहां रुकता है, निकासी में असली दिक्कत किस जगह है।

प्रदेश के बड़े शहरों में भी होगा सर्वे

प्रयागराज समेत प्रदेश के दूसरे बड़े शहरों में जलभराव, सीवरेज सिस्टम का विशेषज्ञ कंपनियों से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों के सामने रखी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि किस इलाके में नई सीवर लाइन चाहिए, कहां पुरानी पाइपलाइन बदलने की जरूरत है, पानी की निकासी के लिए किस जगह किस तरह की व्यवस्था करनी होगी।
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पंप से पानी निकालना स्थायी हल नहीं

डिप्टी सीएम ने कहा कि बारिश के बाद पंप लगाकर पानी निकाल देना समस्या का स्थायी हल नहीं है। जहां सड़क कट गई है या पानी निकलने का रास्ता बंद है, वहां तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री पहुंचाने, मेडिकल कैंप लगाने को भी कहा गया।

शिकायत पर सीधे मौके पर पहुंचेंगे अफसर

जलभराव से जुड़ी शिकायतों के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों का WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा। किसी इलाके से पानी भरने या निकासी रुकने की सूचना मिलते ही उसे ग्रुप में साझा किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगे।

नई सड़कों के साथ बसावट का भी प्लान

डिप्टी सीएम ने नई सड़कों के आसपास भविष्य में विकसित होने वाले आवासीय इलाकों की भी Planning करने को कहा। ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे जहां सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ सुनियोजित कॉलोनियां विकसित की जा सकें। मकसद बिना प्लानिंग के नई बस्तियां बसने से पैदा होने वाली जलनिकासी की दिक्कत को पहले ही रोकना है।

इनर रिंग रोड के पास छात्रों के लिए हॉस्टल

बैठक में बताया गया कि इनर रिंग रोड के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके आसपास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल विकसित करने की योजना भी है। इससे छात्रों के लिए आवास की सुविधा विकसित करने के साथ शहर के विस्तार की Planning पर भी काम किया जाएगा। बैठक में फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी समेत दूसरे जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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