
लखनऊ, 26 अगस्त 2026:
यूपी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई रफ्तार देने की तैयारी है। योगी कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के बस बेड़े को मजबूत करने के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी देने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार 400 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराएगी। नई बसों के बेड़े में शामिल होने से यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल सफर का विकल्प मिलेगा।
प्रस्ताव के मुताबिक 250 बसों में 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें शामिल होंगी। इन बसों की खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार की ओर से मिलने वाले 400 करोड़ रुपये के अलावा करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च यूपीएसआरटीसी अपने संसाधनों से वहन करेगा।
दिल्ली आने-जाने वाली बसों को भी मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले का सीधा संबंध बढ़ते वायु प्रदूषण और स्वच्छ परिवहन की जरूरत से भी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीपीक्यूएम के निर्देशों के तहत 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में यूपी रोडवेज के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ना दिल्ली से जुड़े सार्वजनिक परिवहन के लिए खासा अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में UPSRTC के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। pic.twitter.com/zC9hQSfHQI
— Government of UP (@UPGovt) August 25, 2026
नई इलेक्ट्रिक बसें यूपी से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था तैयार करने में मदद करेंगी। साथ ही इनका संचालन प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
यात्रियों को सुविधा, युवाओं को रोजगार
इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार का असर केवल परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। बसों के संचालन के लिए चालकों, परिचालकों और तकनीकी रख-रखाव से जुड़े कुशल व अकुशल कर्मियों की जरूरत बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
बसों की संख्या बढ़ने से मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी, जिसका फायदा ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े कारोबारों को भी मिल सकता है। यानी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें यूपी के परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण, रोजगार और पर्यटन तीनों मोर्चों पर असर डालने वाली पहल बन सकती हैं।






