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Digital Arrest से ठगी का नेटवर्क खंगाल रही CBI, 20 राज्यों में 89 जगह छापे, तीन गिरफ्तार

BITS पिलानी के पीड़ित से 7.67 करोड़, गुजरात में 19.24 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया, कर्नाटक केस में 15.45 करोड़ की रकम ठगी गई, जांच के दौरान तीन आरोपी गिरफ्तार, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस समेत कई अहम सबूत जब्त

न्यूज डेस्क, 4 सितंबर 2026:

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को फंसाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले साइबर गिरोहों पर CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन चक्र-VI के तहत एजेंसी ने तीन मामलों में देश के 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। कार्रवाई का फोकस ठगी की रकम के रास्ते, गिरोह के संचालकों, लाभार्थियों समेत पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर रहा।

तीन मामलों में करोड़ों की ठगी

CBI के मुताबिक, एक मामला BITS पिलानी राजस्थान से जुड़ा है। इसमें साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित को करीब तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान उससे 7.67 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। गुजरात के दूसरे मामले में भी पुलिस अधिकारी बनकर करीब तीन महीने तक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया गया। इस मामले में 19.24 करोड़ रुपये की ठगी हुई।

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एक महीने तक बनाया बंधक

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तीसरा मामला कर्नाटक का है, जहां पीड़ित को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। साइबर ठगों ने इस दौरान 15.45 करोड़ रुपये की रकम ठगी। तीनों मामलों में CBI ने वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, ऑनलाइन अकाउंट एक्सेस समेत तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद तलाशी अभियान की योजना तैयार की।

बैंक खातों से खुला रकम का रास्ता

तलाशी के दौरान बैंक से जुड़े दस्तावेज, अकाउंट रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस समेत दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। CBI इस जांच के जरिए अलग-अलग राज्यों में फैले डिजिटल अरेस्ट सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क, तकनीकी ढांचे समेत रकम को आगे भेजने वाले लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

तीन आरोपी गिरफ्तार

ऑपरेशन के दौरान CBI ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग साइबर ठगी से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में लेने, निकालने समेत दूसरे खातों में ट्रांसफर करने में शामिल थे। हरियाणा के रहने वाले आकाश के बैंक अकाउंट में ठगी के 1.95 करोड़ रुपये पहुंचे थे। जांच में पता चला कि उसने यह अकाउंट खुद खुलवाया था। रकम आने के बाद उसी दिन उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

कोलकाता की फर्म के खाते में पहुंचे 1.50 करोड़

कोलकाता के राजा करमाकर की फर्म के बैंक अकाउंट में ठगी के 1.50 करोड़ रुपये पहुंचे। इसके अलावा ज्योति रानी के खाते में भी ठगी की रकम का एक हिस्सा आया था। CBI के मुताबिक, उन्होंने रकम का कुछ हिस्सा कैश में निकाला, जबकि बाकी दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया। जांच एजेंसी अब इन लेनदेन के जरिए नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज

CBI ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या दूसरे सरकारी विभागों के अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल या दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से पीड़ित को लगातार निगरानी में होने का भरोसा दिलाकर रकम ट्रांसफर कराई जाती है। इन मामलों में आगे की जांच जारी है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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