Varanasi

BHU-ICU में भर्ती पद्मश्री प्रो. लहरी को मारा थप्पड़, एसोसिएट प्रोफेसर पर आरोप, मेडिकल बोर्ड करेगा जांच

85 वर्षीय प्रो. टीके लहरी (तपन कुमार लहरी) का BHU अस्पताल के ICU में चल रहा इलाज, परिजनों ने कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पर गाली देने व थप्पड़ मारने का आरोप लगाया, चेहरे पर चोट व आंख लाल होने की बात कही गई, BHU प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मेडिकल बोर्ड बनाया

वाराणसी, 6 सितंबर 2026:

यूपी के वाराणसी स्थित BHU अस्पताल के ICU में करीब आठ महीने से भर्ती पद्मश्री सम्मानित 85 वर्षीय इमेरिटस प्रोफेसर तपन कुमार लहरी से मारपीट का आरोप लगा है। परिजनों ने कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय पर प्रो. लहरी को गाली देने, थप्पड़ मारने की शिकायत की है। परिजनों के मुताबिक घटना में उनके चेहरे पर चोट आई, एक आंख लाल हो गई।

परिजनों को विभाग से मिली जानकारी

प्रो. टीके लहरी 27 जनवरी से BHU अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि 29 अगस्त की रात सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर स्थित कार्डियोथोरेसिक विभाग के ICU में उनके साथ कथित मारपीट हुई। परिजनों के मुताबिक उन्हें घटना की जानकारी 1 सितंबर को विभाग के एक डॉक्टर से मिली। इसके बाद उन्हें प्रो. लहरी की चोट से जुड़े फोटो व वीडियो भी उपलब्ध कराए गए। इसके बाद परिवार ने ईमेल के जरिए BHU के कुलपति, IMS BHU के निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की।

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मेडिकल जांच की मांग

परिजनों ने प्रो. लहरी की पूरी मेडिकल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चेहरे पर दिख रही चोट के अलावा किसी अंदरूनी चोट की आशंका भी हो सकती है, इसलिए इसकी जांच जरूरी है। परिवार ने मामले में पुलिस कार्रवाई की बात भी कही है।

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BHU ने बनाया मेडिकल बोर्ड

शिकायत कुलपति तक पहुंचने के बाद BHU प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। IMS BHU के निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक ने ICU पहुंचकर प्रो. लहरी की हालत देखी। मेडिकल बोर्ड के सदस्यों ने भी ICU जाकर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।

BHU अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार ने बताया कि परिवार की शिकायत ईमेल के जरिए मिली थी। इसके बाद उन्होंने IMS निदेशक के साथ ICU जाकर प्रो. लहरी को देखा। मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। बोर्ड की रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है।

BHU प्रशासन बोला, पहली नजर में आरोप सही नहीं

चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार ने कहा कि पहली नजर में प्रो. लहरी की पिटाई का आरोप सही नहीं लग रहा है। उनका कहना है कि डॉ. अरविंद पांडेय ही लगातार प्रो. लहरी की देखभाल कर रहे हैं। फिलहाल अंतिम स्थिति मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी।

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परिवार ने प्रशासन पर भी उठाए सवाल

प्रो. लहरी के परिवार के सदस्य कोलकाता में रहते हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी BHU प्रशासन से नहीं मिली, बल्कि विभाग के एक डॉक्टर ने इसके बारे में बताया। परिवार ने प्रो. लहरी की बीमारी को लेकर भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिजनों के मुताबिक प्रो. लहरी करीब 15 दिन तक घर में बिस्तर पर रहे थे। इसके बाद स्थिति सामने आने पर उन्हें BHU अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ।

2003 में हुए थे रिटायर, मरीजों से नाता नहीं टूटा

तपन कुमार लहरी का जन्म 3 जनवरी 1941 को कोलकाता में हुआ था। BHU के IMS से वह 2003 में रिटायर हुए। इसके बाद भी मरीजों को देखना उन्होंने बंद नहीं किया। लंबे समय तक वह घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की OPD पहुंचते रहे।
एप्रन पहने, एक हाथ में छाता व दूसरे हाथ में काला बैग लिए प्रो. लहरी का नरिया गेट से सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक तक पहुंचना BHU में लंबे समय तक परिचित दृश्य रहा है।

डॉक्टरों की कई पीढ़ियों को पढ़ाया, लोग सम्मान से कहते हैं डॉ. गॉड

प्रो. लहरी ने BHU में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान बड़ी संख्या में डॉक्टरों को पढ़ाया। आज IMS BHU में विभागाध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर काम कर रहे प्रोफेसर उनके पढ़ाए हुए छात्रों में शामिल बताए जाते हैं। प्रो. टीके लहरी का पूरा नाम तपन कुमार लहरी है। चिकित्सा क्षेत्र में उनके लंबे योगदान व मरीजों के प्रति समर्पण के चलते लोग उन्हें सम्मान से डॉ. गॉड भी कहते हैं। मामले में अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अहम होगी। परिजनों की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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