
वाराणसी, 20 जुलाई 2026:
सावन शुरू होने में अभी करीब 10 दिन बाकी हैं, लेकिन श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, बैरिकेडिंग, श्रृंगार और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है। सावन के चार सोमवार समेत पूरे महीने कई बड़े धार्मिक अवसर पड़ रहे हैं, इसलिए व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं।
पूरे सावन में Online Booking रहेगी बंद
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने ऑफिशियल वेबसाइट पर सूचना जारी कर दी है। इसके मुताबिक सावन माह के दौरान सभी तरह की ऑनलाइन बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं हैं। इसमें सुगम दर्शन, मंगला आरती, भोग आरती, रुद्राभिषेक समेत दूसरी ऑनलाइन सेवाएं भी शामिल हैं। इसकी सूचना मंदिर की वेबसाइट पर भी जारी कर दी गई है, ताकि श्रद्धालु पहले से अपनी यात्रा की योजना बना सकें।
11 दिन नहीं होगी VIP और विशेष दर्शन की सुविधा
मंदिर प्रशासन ने फैसला लिया है कि सावन के चारों सोमवार, चारों रविवार समेत कुल 11 दिनों तक वीआईपी और विशेष दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। इन दिनों सभी श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन व्यवस्था लागू रहेगी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा भक्तों को बिना भेदभाव के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराना है।
बैग, मोबाइल और धातु की वस्तुओं पर रोक
श्रद्धालुओं को बैग, मोबाइल फोन, पेन और किसी भी तरह की धातु की वस्तु लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु ये सामान अपने घर, होटल, धर्मशाला या ठहरने के स्थान पर ही छोड़कर आएं। भारी भीड़ को देखते हुए इस दौरान बैगेज काउंटर भी संचालित नहीं किए जाएंगे।
छह नंबर द्वार से होगा श्रद्धालुओं का प्रवेश
इस बार श्रद्धालुओं के प्रवेश मार्ग में भी बदलाव किया गया है। सामान्य श्रद्धालु मंदिर परिसर में छह नंबर द्वार से प्रवेश कर सकेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग मार्गों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
बाबा के विशेष श्रृंगार की तैयारियां शुरू
सावन के दौरान बाबा विश्वनाथ के चारों विशेष श्रृंगार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जाएगा। हर दिन विशेष पूजा-अर्चना होगी। परंपरा के मुताबिक सावन के प्रत्येक सोमवार को मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की जाएगी।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस
इस बार मंदिर परिसर की बैरिकेडिंग पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित होगी। श्रद्धालुओं की कतारों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर भीड़ नियंत्रण का विस्तृत प्लान भी तैयार किया गया है।
सावन में कई बड़े पर्व भी होंगे
इस बार सावन के दौरान चारों सोमवार के अलावा नाग पंचमी, गुरु पूर्णिमा, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन जैसे बड़े पर्व भी पड़ रहे हैं। इसी वजह से मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना अधिक रहेगी। ऐसे में पूरे महीने विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी।






