विकास गोंड
वाराणसी, 4 जून 2026:
दिल्ली में बुधवार को हुए भीषण होटल अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन और फायर विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। फायर ब्रिगेड ने शहर के विभिन्न होटलों, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था लेकर पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में कैंट क्षेत्र समेत शहर के कई प्रमुख होटलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। होटल क्लार्क, होटल मदिन एवं परेड कोठी स्थित पेइंग गेस्ट हाउस जैसे प्रमुख संस्थानों की भी जांच हुई लेकिन यहां कोई कमियां नहीं पाई गईं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने होटल परिसरों का गहन निरीक्षण किया इस दौरान फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र, हाइड्रेंट व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों की कार्यक्षमता की जांच की गई। अधिकारियों ने होटल कर्मचारियों से बातचीत कर यह भी जाना कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में उनकी तैयारी और भूमिका कितनी प्रभावी है।

निरीक्षण के दौरान कई होटलों के बेसमेंट, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों में अनुपयोगी सामान और ज्वलनशील सामग्री रखी मिलीं जिन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही किसी भी दुर्घटना को और गंभीर बना सकती है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ प्रतिष्ठानों में सुरक्षा उपकरण तो मौजूद हैं लेकिन उनके रख-रखाव और नियमित परीक्षण में कमियां हैं। वहीं कुछ कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन की पर्याप्त जानकारी भी नहीं थी। ऐसे मामलों में होटल प्रबंधन को जल्द सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल नियमों के पालन भर नहीं बल्कि लोगों की जान बचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस संबंध में उन्होंने होटल संचालकों को निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।






