Uttarakhand

उत्तराखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी तस्वीर, अन्नपूर्णा देवी से मिलीं रेखा आर्या, कई मुद्दे उठाए

कैबिनेट मंत्री ने दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री के सामने रखे कई प्रस्ताव, जिनके पास पर्याप्त भवन और स्थान उन्हें सक्षम केंद्र के रूप में विकसित करने की मांगी अनुमति, वित्तीय वर्ष 2025-26 के टेक होम राशन से जुड़ी समस्या भी उठाई

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 8 सितंबर 2026ः

उत्तराखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें हाईटेक आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात कर राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, टेक होम राशन और बच्चों की गणना से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। रेखा आर्या ने केंद्रीय मंत्री के सामने प्रस्ताव रखा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास पर्याप्त भवन और स्थान उपलब्ध है, उन्हें सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की अनुमति और आवश्यक सहयोग दिया जाए।

रेखा आर्या ने बताया कि फिलहाल ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में बच्चों और लाभार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के अन्य जिलों में भी पर्याप्त भवन और स्थान वाले केंद्रों को इस योजना से जोड़ा जाता है तो आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक स्तर पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया।

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बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के टेक होम राशन (टीएचआर) से जुड़ी समस्या भी उठाई गई। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विभिन्न कारणों से केंद्र से टीएचआर की प्राप्ति में आ रही कठिनाइयों के चलते वित्तीय स्तर पर समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने इसका शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 में एफआरएस के माध्यम से बच्चों की गणना में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाने का मामला भी रखा गया। रेखा आर्या के अनुसार विभिन्न विषम परिस्थितियों के कारण गणना से करीब 60 प्रतिशत बच्चे छूट गए हैं। उन्होंने केंद्र से इस समस्या के समाधान और आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक सहयोग मांगा।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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