
न्यूज डेस्क, 12 सितंबर 2026:
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की राजधानी में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहुंचने और भारत-चीन रिश्तों में संवाद का नया दौर शुरू होने के बीच आसमान से भी एक बड़ा संदेश आया है। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने छह साल से बंद ग्वांगझू-नई दिल्ली सीधी यात्री उड़ान सेवा को दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा 21 सितंबर से शुरू होगी। खास बात यह है कि घोषणा ऐसे समय हुई है जब शी जिनपिंग सात साल बाद भारत पहुंचे हैं और नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-चीन संबंधों पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
चाइना सदर्न के मुताबिक नई दिल्ली रूट की वापसी के बाद दक्षिण एशिया में उसके आठ राउंड-ट्रिप रूट पर हर सप्ताह 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित होंगी। ग्वांगझू-दिल्ली सेवा यात्रियों के लिए सिर्फ एक नया विकल्प नहीं है अपितु भारत और चीन के बीच सीधे हवाई संपर्क को सामान्य स्थिति में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार यह सेवा दैनिक होगी।
2020 में टूटा था हवाई रिश्ता, अब फिर जुड़ रही कड़ी
भारत और चीन के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी को कोरोना महामारी के दौरान बड़ा झटका लगा था। इसके बाद जून 2020 की गलवान घाटी हिंसा ने दोनों देशों के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया। सीमा पर सैन्य टकराव के साथ ही लोगों की आवाजाही, कारोबार और प्रत्यक्ष संपर्क भी प्रभावित हुआ। भारत और चीन के बीच लंबे समय तक सीधी यात्री उड़ानें सामान्य नहीं हो सकीं।

अब परिस्थितियां धीरे-धीरे बदल रही हैं। 2024 के सीमा समझौते के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क बढ़ा और हवाई सेवाओं की वापसी भी शुरू हुई। इस साल एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न और भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने भी अलग-अलग भारत-चीन रूट पर सीधी सेवाएं शुरू की हैं।
यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा- कम समय, कम झंझट
ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान की वापसी का सबसे सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा। चीन जाने वाले भारतीय कारोबारी, पर्यटक, छात्र और अन्य यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। इसी तरह चीन से भारत आने वाले यात्रियों के लिए भी दिल्ली तक सीधा हवाई रास्ता उपलब्ध होगा।
ग्वांगझू दक्षिण चीन का प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है। ऐसे में सीधी उड़ान व्यापारिक प्रतिनिधियों, निवेशकों और कंपनियों के लिए भी यात्रा को आसान बना सकती है। पर्यटन और शिक्षा से जुड़े आवागमन को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है।
शी का दौरा और उड़ान की वापसी- एक ही समय पर दो बड़े संकेत
सबसे दिलचस्प पहलू इसका समय है। शी जिनपिंग नई दिल्ली में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच चुके हैं। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है। ऐसे में छह साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली हवाई संपर्क की वापसी को भारत-चीन रिश्तों में व्यावहारिक स्तर पर बढ़ती सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सीमा विवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब भी दोनों देशों के रिश्तों में मौजूद हैं और आर्थिक संबंधों में भी कई अड़चनें बनी हुई हैं।






