
राजकिशोर तिवारी
ऋषिकेश, 13 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला अभी शांत नहीं हुआ है। इसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। बीकेटीसी की ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में बोर्ड बैठक हुई। इसमें चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। बीकेटीसी के अस्थायी कार्मिकों को स्थायी करने व समान कार्य के लिए समान वेतन देने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। बैठक में दूसरे चरण की यात्रा को लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दूसरे चरण की यात्रा को और व्यवस्थित बनाने के लिए धामों और अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के दूसरे चरण व तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोंद्धार को आगे बढ़ाने पर भी मुहर लगाई। त्रिजुगीनारायण मंदिर को विवाह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। गुप्तकाशी स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नाम बीकेटीसी के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर रखने पर भी सहमति बनी। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बैठक में एजेंडा रखा। बीकेटीसी की वेबसाइट का आधुनिकीकरण करने व यात्रा की मानक संचालन प्रक्रिया को बेहतर करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किए गए।
कर्मचारियों से जुड़े मामले जैसे स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति व असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने पर चर्चा हुई। अधिवर्षता आयु पूरी करने वाले बिना स्थायी हुए कर्मचारियों को एकमुश्त राशि देने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। इसके अलावा सीता माता मंदिर चांई के जीर्णोद्धार, हक-हकूकधारियों व दस्तूरधारियों के मामलों, भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की मदद और वेद-संस्कृत महाविद्यालय खोलने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
उत्तराखंड के चारधाम यात्रा सीजन में इस बार श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद ने नया आंकड़ा छू लिया है। श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम में अब तक 32 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। बीकेटीसी के अनुसार बदरीनाथ में 17,22,908 व केदारनाथ में 14,92,047 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। दोनों धामों से समिति को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में चारधाम यात्रा में करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं और यात्रा के कपाट बंद होने में अभी लगभग दो माह शेष हैं।
बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान सदस्य नीलम पुरी, राजपाल सिंह जड़धारी, महेन्द्र शर्मा दिनेश डोभाल, विनीत पोस्ती, प्रहलाद पुष्पवान, देवी प्रसाद दैवली, राजेन्द्र डिमरी, धीरज पंचभैया मोनू, राकेश भंडारी, कमला बगवाड़ी, जेपी सेमवाल, राजकुमार तिवारी, रजनीश भट्ट सहित वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, नोडल अधिकारी राकेश सेमवाल, डा. हरीश गौड़, अतुल डिमरी, संजय भट्ट व विश्वनाथ दीपेंद्र रावत मौजूद रहे।






