Uttarakhand

SIR पर कांग्रेस ने दागे सवाल, कहा-मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने की साजिश, CEO से जांच की मांग

SIR में नाम खारिज होने को लेकर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने लगाए आरोप, देहरादून के एक दंपति का मामला CEO के सामने रखा, ऊधमसिंह नगर की पांच विधानसभा सीटों में करीब 6,500 Form-7 दाखिल होने का दावा, बड़ी संख्या में आपत्तियां मुस्लिम मतदाताओं से जुड़ी होने का आरोप

देहरादून, 27 अगस्त 2026:

उत्तराखंड में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन विभाग के सामने सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए प्रतिवेदन में आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

2003 की सूची में नाम, फिर भी आवेदन खारिज

धस्माना ने देहरादून के टर्नर रोड निवासी मोहम्मद अलीम उनकी पत्नी खशीन फारूकी के मामले को प्रतिवेदन में प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि दोनों के नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसके बावजूद SIR के दौरान उनके आवेदन बार-बार खारिज किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने इस मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

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पांच सीटों पर Form-7 को लेकर दावा

धस्माना ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ऊधमसिंह नगर की किच्छा, गदरपुर, खटीमा, नानकमत्ता व रुद्रपुर विधानसभा सीटों में करीब 6,500 Form-7 दाखिल किए गए हैं। उनके मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में आपत्तियां मुस्लिम मतदाताओं के नाम से जुड़ी हैं।

एक-एक व्यक्ति ने दाखिल कीं सैकड़ों आपत्तियां

कांग्रेस नेता के मुताबिक किच्छा में 4,857 आपत्तियों में से 4,855 एक ही व्यक्ति ने दाखिल कीं। खटीमा में 394 में से 392 आपत्तियां एक व्यक्ति की तरफ से दाखिल होने का दावा किया गया है। नानकमत्ता में 391 में से 353 आपत्तियां भी एक ही व्यक्ति की ओर से दाखिल किए जाने की बात कही गई है। गदरपुर में 670 व रुद्रपुर में 230 आपत्तियां दाखिल होने का दावा किया गया है।

BJP कनेक्शन की भी जांच की मांग

धस्माना ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया है, उसके मुताबिक इन आपत्तियों से जुड़े कुछ लोगों के BJP से जुड़े होने की बात सामने आई है। कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है, जिससे यह साफ हो सके कि बड़ी संख्या में Form-7 दाखिल करने के पीछे क्या वजह रही।

बिना फील्ड जांच नाम न हटाने की मांग

धस्माना ने CEO से कहा कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले BLO की फील्ड जांच होनी चाहिए। दस्तावेजों की पड़ताल के साथ संबंधित मतदाता को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका भी मिलना चाहिए। उन्होंने पांचों विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दाखिल Form-7 की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।

SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस ने मांगा जवाब

कांग्रेस नेता ने निर्वाचन विभाग से यह भी जांच कराने को कहा है कि SIR के दौरान किसी खास समुदाय के मतदाताओं को योजनाबद्ध तरीके से निशाना तो नहीं बनाया जा रहा। उन्होंने मोहम्मद अलीम व खशीन फारूकी के मामले में दोबारा जांच सहित सभी शिकायतों पर पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

CEO के सामने रखा पूरा मामला

धस्माना ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि मतदाता सूची में नाम से जुड़े मामलों में तय प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि किसी मतदाता का नाम सिर्फ आपत्ति दाखिल होने के आधार पर न हटे, बल्कि फील्ड वेरिफिकेशन, दस्तावेजों की जांच व सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही फैसला लिया जाए।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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