
हरदोई, 13 सितंबर 2026:
यूपी के हरदोई जिले में हाईटेंशन लाइन के नीचे बन रहे मकान में काम करना राजमिस्त्री की जान पर भारी पड़ गया। छज्जे की डिजाइन काटते समय फंटा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। करंट की चपेट में आने से राजमिस्त्री बालगोविंद की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन शव लेकर मोहनखेड़ा तिराहे पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर मकान मालिक पर बिना बिजली शटडाउन लिए काम कराने का आरोप लगाया।
हाईटेंशन लाइन के नीचे बन रहा था मकान
बालगोविंद अतरौली थाना क्षेत्र के कीर्तियाखेड़ा मजरा छतिहा रामपुर के रहने वाले थे। वह राजमिस्त्री का काम करते थे। मोहनखेड़ा निवासी प्रेमचंद गांव के पास हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनवा रहे हैं। इसी मकान में बालगोविंद काम कर रहे थे।
छज्जे की डिजाइन काटते वक्त लगा करंट
परिजनों के मुताबिक, बालगोविंद मकान के छज्जे की डिजाइन काट रहे थे। इसी दौरान काम में इस्तेमाल हो रहा फंटा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। लाइन की चपेट में आते ही बालगोविंद को करंट लगा, जिससे वह नीचे नाली में गिर गए।

40 मिनट तक नाली में पड़े रहे
हादसे के बाद बालगोविंद करीब 40 मिनट तक नाली में पड़े रहे। ग्रामीणों की सूचना पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ जिले के सीएचसी माल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
बेटे ने लगाया बिना शटडाउन काम कराने का आरोप
बालगोविंद के बेटे मोहित ने मकान मालिक प्रेमचंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि मकान मालिक ने बिजली का शटडाउन लेने की बात कही थी। इसी भरोसे पर उसके पिता से काम कराया गया। आरोप है कि काम के दौरान शटडाउन लिया ही नहीं गया, जिससे यह हादसा हो गया।
शव लेकर तिराहे पर पहुंचे परिजन
सीएचसी में मौत की पुष्टि के बाद परिजन शव लेकर मोहनखेड़ा तिराहे पर पहुंच गए। यहां उन्होंने शव रखकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर अतरौली इंस्पेक्टर शिवाकांत पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
बिजली विभाग ने कहा, शटडाउन के लिए कॉल नहीं आई
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार संतोष कुमार ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही। सरवा पावर हाउस की ओर से बताया गया कि शटडाउन लेने के लिए कोई कॉल नहीं आई थी। उनके मुताबिक, शटडाउन लिए बिना ही मकान में काम किया जा रहा था।






