Uttarakhand

उत्तराखंड में सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की डेडलाइन तय, 15 अक्टूबर के बाद खुद सड़क पर उतरेंगे धामी

सीएम ने जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा की, डीएम अपने-अपने जिलों में सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा करें, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण किया जाए, 30 दिनों से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दें

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 14 सितंबर 2026ः

मानसून के बाद बदहाल हुई प्रदेश की सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सभी सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वह खुद सड़कों पर उतर कर औचक निरीक्षण करेंगे। सोमवार को सचिवालय में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि मानसून के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं सुधारीकरण में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। डीएम अपने-अपने जिलों में सड़कों की स्थिति की नियमित समीक्षा करें और संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं के काम की प्रभावी निगरानी करें।

चारधाम यात्रा में सुरक्षा व सुविधा सर्वोपरि

धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। डीएम और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से यात्रा व्यवस्था सुचारु बनाए रखने को कहा गया। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने और जनसमस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए।

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स्वाइन फ्लू समेत संक्रामक रोगों पर अलर्ट

स्वाइन फ्लू सहित विभिन्न संक्रामक एवं जलजनित रोगों की रोकथाम को लेकर भी धामी ने प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। डीएम को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने, साफ-सफाई, दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय हो

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दो टूक कहा कि जन शिकायतों को महज पोर्टल में दर्ज करना काफी नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण होना चाहिए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन जिलों में किसी विशेष प्रकृति की शिकायतें अधिक आ रही हैं, डीएम संबंधित विभागों के साथ उनकी समीक्षा कर तत्काल समाधान करें। बार-बार आने वाली एक जैसी शिकायतों के कारणों का विश्लेषण कर उनके स्थायी समाधान पर भी काम किया जाए।

राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आमजन को चक्कर न लगाना पड़े

धामी ने डीएम को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। दाखिल-खारिज के मामलों के समयबद्ध निस्तारण और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की विशेष समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आमजन को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लीकेज, आपूर्ति बाधित होने और अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। धामी ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने व 180 दिन से पुराने मामलों की नियमित विभागीय मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

सीएम ने शिकायतकर्ताओं से बात कर जमीनी स्थिति जानी

उन्होंने ‘स्पेशल क्लोज’ और ‘फोर्स क्लोज’ के जरिए शिकायतों को अनावश्यक रूप से बंद करने पर भी नाराजगी जताई। समीक्षा के दौरान सीएम ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे बातचीत कर जमीनी स्थिति जानी। चिकित्सा प्रतिपूर्ति, परित्यक्ता पेंशन व पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम है और इसका उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक समाधान करना है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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