
लखनऊ, 18 सितंबर 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसी बीच कैबिनेट मंत्री व निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने मछुआरा समाज को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही कुछ नेता मछुआरा समाज के बीच सक्रिय होने लगते हैं।
चुनावी मौसम में सक्रिय होने वालों पर निशाना
UP Election Strategy : संजय निषाद ने अपने पोस्ट में लिखा कि जो लोग साढ़े चार साल तक समाज के सुख-दुख में नहीं आए, अब पंचायत चुनाव के बहाने उनके आसपास नजर आने लगे हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं की तुलना बरसाती मेंढक से करते हुए मछुआरा समाज को उनसे सावधान रहने की अपील की। उन्होंने मल्लाह, निषाद, केवट, कश्यप, बिंद, धीवर, कहार, बाथम, रायकवार व माझी समाज का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे मछुआरा समुदाय को अपनी राजनीतिक पहचान को लेकर सतर्क रहना होगा।
फूलन देवी की हत्या को लेकर लगाया आरोप
संजय निषाद ने पोस्ट में वीरांगना फूलन देवी की हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फूलन देवी की हत्या कराकर मछुआरा समाज की अलग राजनीतिक ताकत को खड़ा होने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने ऐसे लोगों को बहरूपिया बताते हुए उनकी मदद करने वालों से भी सावधान रहने की बात कही। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने फूलन देवी की हत्या की सुपारी दी, उनकी संपत्ति पर कब्जा किया व उनकी राजनीतिक विरासत को मछुआरा समुदाय से छीनने की कोशिश की, वह मछुआरों का भला नहीं चाहती।
निषाद पार्टी को बताया स्वतंत्र राजनीतिक पहचान
निषाद ने अपने पोस्ट में कहा कि मछुआरों की अब स्वतंत्र राजनीतिक पहचान निषाद पार्टी है। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज दरी बिछाने वाली कौम नहीं है, बल्कि ओबीसी समाज के हक के लिए लड़ने वाली कौम है। उन्होंने लिखा कि चुनावी मौसम में बरसाती मेंढक भेष बदलकर आएंगे, इसलिए समाज को उनसे सावधान रहना होगा।
20 सितंबर को प्रयागराज में महासम्मेलन
UP Election Strategy: संजय निषाद का यह बयान 20 सितंबर को प्रयागराज में होने वाले संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन से पहले सामने आया है। निषाद पार्टी की ओर से कार्यक्रम को लेकर प्रयागराज में तैयारियां की जा रही हैं और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है।






