
न्यूज डेस्क, 25 सितंबर 2026:
Dairy Product Rules : पनीर जैसा दिखने वाला कोई दूसरा उत्पाद अब पनीर के नाम से बाजार में बेच पाना मुश्किल हो सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऐसे उत्पादों के नाम, पैकेट पर लिखी जानकारी और बाजार में प्रचार को लेकर नियम बदलने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद ग्राहक को यह साफ बताना है कि वह असली पनीर खरीद रहा है या पनीर जैसा कोई दूसरा उत्पाद।
क्या है एनालॉग प्रोडक्ट
FSSAI के प्रस्ताव में ऐसे उत्पादों को ‘डेयरी संदर्भ में एनालॉग प्रोडक्ट’ कहा गया है। आसान भाषा में समझें तो यह ऐसा उत्पाद है जो पनीर जैसा दिख सकता है और उसी तरह इस्तेमाल भी हो सकता है, लेकिन उसे असली पनीर के रूप में नहीं माना जाता। ऐसे उत्पादों को लेकर ग्राहक के मन में यह भ्रम न हो कि पैकेट में वही पनीर है जिसे वह आम तौर पर खरीदता है, इसी वजह से नाम और लेबल को लेकर बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
पैकेट पर ‘पनीर’ लिखने पर रोक
Analog Paneer : प्रस्ताव के मुताबिक ऐसे एनालॉग प्रोडक्ट के नाम, लेबल और मार्केटिंग में ‘पनीर’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यानी पनीर जैसे दूसरे उत्पाद की पैकिंग देखकर ग्राहक उसे असली पनीर न समझे, इसके लिए उसकी पहचान अलग रखने की व्यवस्था की जाएगी।

पुराने लाइसेंस वाले उत्पाद भी आएंगे दायरे में
यह बदलाव सिर्फ नए उत्पादों तक सीमित नहीं रहेगा। FSSAI के ड्राफ्ट में उन उत्पादों का भी जिक्र है जो ‘डेयरी संदर्भ में एनेलॉग प्रोडक्ट’ की श्रेणी में पहले से लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के साथ बाजार में हैं। इनके नाम, लेबलिंग और मार्केटिंग में भी ‘पनीर’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने का प्रस्ताव है।
ग्राहकों को भ्रम से बचाने की वजह
FSSAI ने प्रस्ताव के पीछे मुख्य वजह ग्राहकों को उत्पाद की प्रकृति और उसमें मौजूद सामग्री को लेकर गुमराह होने से बचाना बताई है। यानी पैकेट पर लिखे नाम और जानकारी से ग्राहक को यह साफ पता चले कि वह किस तरह का उत्पाद खरीद रहा है।
FSSAI proposes to ban the sale of analogue paneer made from constituents not derived from milk. The proposal seeks to safeguard consumer interests and ban the practice of marketing analogue products as paneer. pic.twitter.com/6Lz2QGshAH
— FSSAI (@fssaiindia) September 24, 2026
FSSAI Paneer Rule : 60 दिन में दे सकेंगे आपत्ति और सुझाव
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम, 2011 में बदलाव के लिए 22 सितंबर को ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनता को उपलब्ध होने की तारीख से 60 दिन तक इस प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव दिए जा सकते हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार करके प्रस्तावित नियमों को आगे बढ़ाया जाएगा।






