Uttarakhand

उत्तराखंड के युवाओं ने संवाद में बताया, कैसे बदली उद्यमिता की तस्वीर, 5 साल में स्टार्टअप 700 से 1700 पार

Uttarakhand News : सौर ऊर्जा से औषधीय खेती तक नए प्रयोग, गांव लौटकर कारोबार खड़ा कर रहे युवा, जर्मनी में नर्सिंग की नौकरी से लेकर 10 करोड़ के कारोबार तक की कहानी सीएम धामी को सुनाई

उत्तराखंड, 17 अक्टूबर 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखंड, यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों, किसानों, नवाचारकर्ताओं समेत स्वरोजगार से जुड़े लोगों से बातचीत की। इस दौरान पता चला कि उत्तराखंड में Startup Ecosystem तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में बीते पांच साल में स्टार्टअप की संख्या करीब 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंच गई है। इस दौरान पर्यटन, ऊर्जा, कृषि, तकनीक, स्थानीय उत्पादों के कारोबार में काम कर रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

पर्यटन व ऊर्जा में रोजगार की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन व ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की काफी गुंजाइश है। राज्य गठन के समय इन दोनों क्षेत्रों को विकास के प्रमुख आधार के रूप में देखा गया था। पर्यटन में अच्छी प्रगति हुई है, वहीं ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जलविद्युत के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का इस्तेमाल बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

एक गाय से शुरू किया डेयरी कारोबार

उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय शुरू किया था। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने कारोबार का विस्तार किया। अब उनके पास पांच बद्री गाय समेत आठ देशी गाय हैं। पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन से जुड़े अपने काम की जानकारी दी। उनके प्रयासों से दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।

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10 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा कारोबार

ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ Startup Business चला रहे हैं। उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। चमोली के राजेश ने गांव लौटकर रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की है। वह रोजमेरी समेत हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके कारोबार से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।

सौर ऊर्जा से तैयार की कार

चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा व बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने की जानकारी दी। नैनीताल की कमला देवी ने बताया कि वह वाहनों के टायरों की मरम्मत कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए खेती के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने के अपने प्रयासों के बारे में बताया।

औषधीय खेती से 300 से अधिक लोग जुड़े

चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने बताया कि घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया गया है। अब 300 से अधिक लोग इस काम से जुड़े हैं। सामूहिक रूप से इससे सालाना करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की आय हो रही है।

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पिरूल व मोटे अनाज से तैयार हो रहे उत्पाद

कार्यक्रम में गीता पंत व सुमन पांथरी ने पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने के अपने काम की जानकारी दी। महाबल नेगी ने बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास साझा किए। कल्पना बिष्ट ने मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी के संचालन के बारे में बताया। इन गतिविधियों से स्थानीय संसाधनों को कारोबार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सिंगापुर से गांव के विकास में सहयोग की पेशकश

चंपावत के टनकपुर मूल निवासी शैलेश ने सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वह वहां सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने चंपावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग देने की इच्छा जताई।

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ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों की शिक्षा पर जोर

अनीता शर्मा थपलियाल ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे काम की जानकारी दी। उन्होंने देहरादून में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। टिहरी की सपना राणा ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन व वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम पाने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें विदेश में रोजगार का अवसर मिला।

युवाओं के अनुभवों पर वीडियो प्रस्तुति

कार्यक्रम में देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों व युवाओं की प्रतिभा के जरिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

इस मौके पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, अपर सचिव व महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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