सड़क से सदन तक कांग्रेस का हल्ला बोल, विधानसभा कूच के लिए निकले नेताओं की पुलिस से झड़प
पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, प्रदर्शनकारी सुरक्षा चक्र को भेदते हुए दिवालीखाल तक पहुंच गए, काबू करने के लिए वाटर कैनन का भी किया प्रयोग
राजकिशोर तिवारी
चमोली, 27 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक हल्ला बोला। मंगलवार को कांग्रेस ने चमोली के गैरसैंण में धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधानसभा घेराव का प्रयास किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित भर्ती घोटालों, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
30 किमी. पहले लगाई गई बैरिकेडिंग भी नहीं रोक पाई
पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए विधानसभा से लगभग 30 किमी. पहले से ही अलग-अलग स्थानों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध और बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सुरक्षा चक्र को भेदते हुए दिवालीखाल तक पहुंचने में कामयाब रहे। प्रदर्शन के दौरान दिवालीखाल में उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी प्रयोग किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। बाद में पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
गोदियाल का आरोप सवालों से भाग रहे सीएम
हिरासत में लिए जाने से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कें, बेरोजगारी और जंगली जानवरों का आतंक गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही से भाग रही है। गोदियाल ने सत्र की कार्यसूची पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े प्रश्नों पर विपक्ष को बोलने और चर्चा करने का पर्याप्त समय ही नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, मनोज यादव, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, मुकेश नेगी और हरिकृष्ण भट्ट समेत कई प्रमुख नेता व विधायक शामिल रहे।






