लखनऊ में कैलाशकुंज का होगा कायाकल्प! TOD कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी, जापान की एजेंसी भी आई आगे
एलडीए की पुनर्विकास परियोजना पर केंद्र सरकार, गुजरात और महाराष्ट्र के प्रतिनिधियों ने किया मंथन, हाई स्पीड रेल स्टेशन के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों और बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में फैजाबाद रोड स्थित कैलाशकुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) इस परिसर को आधुनिक स्वरूप देने के साथ ही ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) कॉरिडोर से जोड़ने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार, गुजरात और महाराष्ट्र के प्रतिनिधियों के साथ जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के विशेषज्ञों ने भी मंथन किया।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की अर्बन चैलेंज फण्ड (UCF) योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर आयोजित बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कैलाशकुंज पुनर्विकास परियोजना का प्रस्तावित खाका और विकास की संभावनाएं प्रस्तुत कीं। बैठक में हाई स्पीड रेल (HSR) स्टेशन क्षेत्र के सुनियोजित विकास पर भी चर्चा हुई। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ऑर्गनाइजेशन (TCPO) के मोनिस खान ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान महाराष्ट्र के ठाणे और वसई-विरार तथा गुजरात के सूरत और साबरमती में हाई स्पीड रेल स्टेशन क्षेत्र के विकास के मॉडल और अनुभव भी साझा किए गए। इन उदाहरणों के आधार पर लखनऊ में परिवहन केंद्रित शहरी विकास की संभावनाओं पर विचार किया गया।

एलडीए की प्रस्तुति में कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास, व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और TOD कॉरिडोर के साथ एकीकरण को प्रमुखता दी गई। परियोजना के तकनीकी, नियोजन और वित्तीय पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
JICA के एस अकुमुरा और काजुकी योशिओका ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लेकर अपने सुझाव दिए। इस मौके पर एलडीए के अधिकारी, संबंधित आर्किटेक्ट, ईवाई टीम और नगर नियोजन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। परियोजना को लेकर हुई इस कवायद से कैलाशकुंज के पुनर्विकास और क्षेत्र में आधुनिक व्यावसायिक एवं परिवहन सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।






