UP News : साक्षरता कर्मियों को तोहफा, योगी सरकार ने 64 जिलों के लिए जारी किए 397 करोड़ रुपये
साक्षर भारत योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक काम करने वाले प्रेरकों और जिला-ब्लॉक समन्वयकों को मिलेगा बकाया मानदेय, सत्यापन के बाद बैंक खातों में भुगतान

लखनऊ, 2 नवम्बर 2026:
यूपी में वर्षों से बकाया मानदेय का इंतजार कर रहे साक्षर भारत योजना के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने उनके लंबित भुगतान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 64 जिलों के लिए करीब 397.19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे योजना के तहत काम कर चुके जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों और प्रेरकों को लंबे समय से लंबित अवशेष मानदेय मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निदेशक एवं सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसके तहत साक्षर भारत योजना में 31 मार्च 2018 तक कार्यरत रहे साक्षरता कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान किया जाएगा। आदेश के अनुसार प्रेरकों को 2,000 रुपये प्रतिमाह एवं जिला और ब्लॉक समन्वयकों को 6,000 रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय दिया जाएगा।
सत्यापन के बाद तय होगी बकाया राशि
सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति, उनके कार्यों और उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। जिला स्तर पर मौजूद ऑडिट रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर हर कर्मचारी की बकाया राशि निर्धारित होगी। भुगतान सीधे बैंक खातों के माध्यम से किया जाएगा।
31 दिसंबर तक खर्च करनी होगी आवंटित धनराशि
आदेश में संबंधित जिलों को आगामी 31 दिसंबर तक निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत आवंटित धनराशि खर्च करने को कहा गया है। इसके बाद व्यय का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र 5 जनवरी 2027 तक निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा।
इसके साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आवंटित बजट का इस्तेमाल केवल निर्धारित मद में ही किया जाएगा। किसी अन्य मद में धनराशि खर्च करने या वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जनपदीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। इस फैसले से वर्षों से अपने मेहनताने की प्रतीक्षा कर रहे साक्षरता कर्मियों में भुगतान की उम्मीद जगी है।






