हेलीकॉप्टर हादसा : DGCA की सख्ती, दो पायलटों की शर्त से नाराज ऑपरेटरों ने रोकीं उड़ानें
देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली चार्टर सेवाओं पर पड़ा असर, केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए केदारघाटी से संचालित होने वाली सेवाएं जारी
योगेंद्र मलिक
रुद्रप्रयाग, 2 नवंबर 2026:
बदरीनाथ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद डीजीसीए के नय नियम से नाराज निजी चार्टर ऑपरेटरों ने अपनी उड़ानें बंद कर दी है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए डीजीसीए ने चारधाम रूट पर चलने वाले हर चार्टर हेलीकॉप्टर में अब दो पायलटों का होना अनिवार्य कर दिया है। इसका निजी चार्टर ऑपरेटर विरोध कर रहे हैं। इससे लंबी दूरी की चार्टर हेली सेवाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। वहीं, केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए केदारघाटी से संचालित होने वाली नियमित हेली सेवाएं सुचारू रूप से जारी है।
केदारघाटी से संचालित होने वाली सेवाओं पर कोई असर नहीं
निजी चार्टर ऑपरेटरों के इस निर्णय का असर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली चार्टर सेवाओं पर पड़ा है। पहले मौसम अनुकूल रहने पर इन सेवाओं के तहत प्रतिदिन करीब 50 से 60 चार्टर उड़ानों का संचालन किया जाता था, लेकिन ऑपरेटरों की ओर से उड़ानें रोके जाने के बाद लंबी दूरी की हेली सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, केदारघाटी से संचालित होने वाली नियमित हेली सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल स्थापित
शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी सेक्टर से हेलीकॉप्टर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उड़ान भर रहे हैं। इससे केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। हेली सेवाओं के सुरक्षित संचालन और मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए शेरसी सेक्टर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भी स्थापित किया गया है। इसके जरिए हेली ऑपरेटरों को उड़ान के दौरान मौसम की पल-पल की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में जहां बाबा केदार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है, वहीं चार्टर हेली सेवाओं के बंद होने से लंबी दूरी से सीधे धाम पहुंचने की सुविधा प्रभावित हुई है। अब निगाहें निजी चार्टर ऑपरेटरों और संबंधित नियामक प्राधिकरणों के बीच चल रहे गतिरोध के समाधान पर टिकी हैं। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि केदारघाटी के शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी सेक्टर से संचालित होने वाली नियमित हेली सेवाएं सुचारु हैं। लंबी दूरी की चार्टर सेवाओं का संचालन ऑपरेटरों की ओर से रोका गया है।
डीजीसीए ने बिना किसी विचार-विमर्श के लिया निर्णय
बता दें कि उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित करने वाले ऑपरेटरों ने डीजीसीए (DGCA) के नए नियम का विरोध करते हुए 2 नवंबर से अपनी सभी चार्टर उड़ाने निलंबित करने की घोषणा की थी। साथ ही ऑपरेटरों ने कहा था कि हर उड़ान में दो पायलट अनिवार्य करने का निर्णय बिना किसी विचार-विमर्श और व्यावसायिक इंपैक्ट का आकलन करते हुए लिया गया है। इसके चलते, हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने DGCA और उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) को संयुक्त पत्र भेजकर अपनी आपत्ति जताई थी।






