उत्तराखंड में ऑरेंज व येलो अलर्ट, धामी बोले- अधिकारी आपात स्थिति से निपटने के लिए रहे तैयार
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ओलावृष्टि व बारिश की जताई संभावना, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के दिए निर्देश

देहरादून, 30 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए जारी ऑरेंज व येलो अलर्ट को लेकर अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सभी जनपदों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां पूरी रखी जाएं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मौसम विभाग के अनुसार 30 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़,बागेश्वर व चमोली जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि एवं झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना के दृष्टिगत ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल व चंपावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना भी व्यक्त की गई है। प्रदेश के अन्य जनपदों में भी गरज-चमक व तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ट्रेकिंग गतिविधियों को रोकने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को मौसम सामान्य होने तक नियंत्रित रखा जाए। संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए व आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित किया जाए। किसी भी सड़क के बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभाग तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिेए कि आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। राजस्व, ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें। पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं अन्य बचाव दल आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहें।
पर्यटकों की आवाजाही को किया जाए नियंत्रित
धामी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि भारी बारिश एवं खराब मौसम के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।






