उत्तराखंड न्यूज : पहाड़ों की साहित्यिक पहचान को नई उड़ान देगा लेखक गांव, धामी ने किया दो पुस्तकों का विमोचन
थानो में महोत्सव का समापन, साहित्यकारों को सम्मान देने के साथ स्थानीय भाषाओं में किताबें छापने के लिए मिल रही मदद, दो साहित्य ग्राम बनाने की तैयारी

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 29 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड के देहरादून स्थित थानो का लेखक गांव साहित्य, संस्कृति के साथ रचनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साहित्य जगत में नई जगह दिलाने में मदद करेगा। इस मौके पर उन्होंने लेखक गांव की पत्रिका धरती का स्वर्ग उत्तराखंड और पुस्तिका देवभूमि का काव्य पुष्प का विमोचन किया।
साहित्य से समाज को मिलती है दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सदियों से ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रही है। यहां के ऋषियों ने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की। प्रदेश के पहाड़, नदियां और प्राकृतिक सुंदरता भी लेखकों, कवियों और विचारकों को लगातार प्रेरित करते रहे हैं। साहित्य समाज को दिशा देने के साथ आने वाली पीढ़ियों की सोच को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाता है।
अटल बिहारी वाजपेयी की लेखनी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनकी लेखनी में पहाड़ों जैसी मजबूती और गंगा जैसी गहराई थी। उन्होंने अपनी रचनाओं से यह दिखाया कि शब्दों के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। धामी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन तक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के जरिए लोगों की भावनाओं को आवाज दी। साहित्यकार समाज के विचारक होने के साथ लोगों का मार्गदर्शन भी करते हैं।
साहित्यकारों को सम्मान, किताबों के प्रकाशन में मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति को बचाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट जैसे पुरस्कारों के जरिए साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। हिंदी के साथ प्रदेश की स्थानीय भाषाओं में किताबों के प्रकाशन के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है।

दो साहित्य ग्राम बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है। प्रदेश में दो साहित्य ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं। यहां साहित्यकारों के रहने के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक पुस्तकालय, संगोष्ठी कक्ष और अध्ययन स्थल बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं से लेखकों को पढ़ने, विचार-विमर्श करने और नई रचनाएं तैयार करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। राज्य सरकार प्रदेश के पुराने और बिखरे साहित्य को एकत्र करने, सुरक्षित रखने और उसे दोबारा सामने लाने की दिशा में भी काम कर रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने विकास कार्यों का किया जिक्र
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने सीमांत इलाकों में लोगों की वापसी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह, प्रो. प्रदीप भारद्वाज, प्रो. राकेश सुंदरियाल और डॉ. विदुषी निशंक सहित कई लोग मौजूद रहे।






