UP Election 2027: ‘27 में कृष्ण आएंगे’ के पोस्टर से सपा का सियासी संदेश, धीरेंद्र शास्त्री पर हमला
लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगे दो होर्डिंग, अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के साथ दिखाया, दूसरे पोस्टर में कथावाचकों को बताया ‘ढोंगी-पाखंडी व्यापारी’, राम-कृष्ण के नाम पर भेदभाव का लगाया आरोप

लखनऊ, 5 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। नेताओं की बयानबाजी के बीच अब पोस्टर और होर्डिंग के जरिए भी राजनीतिक संदेश देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय के बाहर लगे दो होर्डिंग चर्चा का विषय बन गए हैं। इनमें एक पर ‘27 में कृष्ण आएंगे’ का नारा देकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के साथ दिखाया गया है, जबकि दूसरे में कथावाचकों पर तीखा हमला बोला गया है।
एक होर्डिंग सपा नेता अब्दुल अजीम के नाम से लगाई गई है। इसमें अखिलेश यादव के साथ बांसुरी बजाते भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर है। अजीम ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शास्त्री की टिप्पणियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अजीम ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
दूसरी होर्डिंग में कथावाचकों पर सीधा हमला
दूसरी होर्डिंग सुजीत यादव और रुमेश यादव के नाम से लगाई गई है। इस पर लिखा है, ‘न प्रभु राम तुम्हारे हैं, न श्रीकृष्ण हमारे हैं, राम-कृष्ण तो इस संसार के प्यारे हैं। जो इनमें भेद बताये, वो कथावाचक नहीं, ढोंगी पाखंडी व्यापारी है।’ आरोप लगाया कि कथा के नाम पर व्यापार करने वाले कुछ लोग देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं।

उनका दावा है कि धीरेंद्र शास्त्री ने पहले भगवान श्रीकृष्ण और अब भगवान श्रीराम को लेकर आपत्तिजनक बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कथावाचकों से सनातन धर्म के लोगों को दूर रहना चाहिए। कथा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।






