सीतापुर न्यूज : एक महीने से गांवों में फैला था तेंदुए का खौफ, सुबह-सुबह पिंजरे में फंसा
Leopard Captured : खेतों की ओर जाने से बच रहे थे ग्रामीण, बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर बनी थी चिंता, वन विभाग की टीम एक महीने से कर रही थी निगरानी

सीतापुर, 5 नवंबर 2026:
यूपी के सीतापुर में करीब एक महीने से ग्रामीणों के लिए परेशानी बना तेंदुआ गुरुवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। सुबह करीब 6 बजे नैमिषारण्य क्षेत्र के खेवटा जंगल में लगाए गए पिंजरे में नर तेंदुआ फंसा मिला। इसकी खबर मिलते ही आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली।
एक माह पहले खीरी में देखा गया था तेंदुआ
दरअसल पड़ोस के जिले लखीमपुर खीरी के एक फार्म हाउस में एक तेंदुआ अक्टूबर माह में देखा गया था। यहां एक कुत्ते से उसकी भिडंत हुई तो उसे उल्टे पैर भागना पड़ा। अनुमान है कि वही तेंदुआ सीतापुर की सरहद में दाखिल हो गया। तेंदुए की मौजूदगी खेवटा जंगल के साथ आसपास के गांवों में भी देखी जा रही थी। जंगल से निकलकर आबादी की तरफ आने की खबरों से लोग डरे हुए थे। औरंगाबाद, रामपुर, रामशाला, मीरापुर, हथिया, पनरभू, बेलहरी, मानपुर, सिढौली, बिरहिमपुर, लोधौरा, अशरफनगर, रघुनाथपुर, ककरघटा, पथरहिया, हरिहरपुर सहित करीब 17 गांवों में लोग सतर्कता बरत रहे थे।
तेंदुए के डर से ग्रामीण खेतों में जाने से बच रहे थे। खासकर सुबह-शाम जंगल के आसपास आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई थी। बच्चों की सुरक्षा के साथ मवेशियों पर हमले का डर भी लोगों को परेशान कर रहा था। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद वन विभाग ने खेवटा जंगल में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू की थी।
एक महीने की निगरानी के बाद सफलता
मिश्रिख रेंज के रेंजर सिकंदर सिंह के मुताबिक, तेंदुए को पकड़ने के लिए करीब एक महीने पहले पिंजरा लगाया गया था। वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गुरुवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला। इस अभियान में वनकर्मी अनिल यादव, अनुभव वर्मा, अक्षय पांडेय और विजेंद्र कुमार यादव लगातार निगरानी और तलाश में जुटे रहे। तेंदुए को सुरक्षित रखा गया है। आगे का निर्णय वन विभाग के अधिकारी लेंगे।






